स्वच्छ भारत मिशन की राष्ट्रीय गूज से पहले ही पाटी क्षेत्र की महिलाओं ने शुरू कर दी थी यह मुहिम

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पर्यावरण संरक्षण समिति के द्वारा किए गए जन जागरण से महिलाओं को मिली बड़ी ताक।

चंपावत28 अप्रैल ।ग्रामीण क्षेत्रों में पाटी क्षेत्र की महिलाए अपेक्षाकृत अन्य स्थानों की तुलना में काफीं जागरूक एवं हुनरमंद होकर स्वयं को रोजगार से जोड़ते हुए दूसरों को रोजगार देने का माध्यम बनी हुई है ।यह शक्ति तथा सामर्थ उन्हें पर्यावरण संरक्षण समिति पाटी द्वारा उत्तराखंड सेवा निधि ,अल्मोड़ा के सहयोग से ही प्राप्त हुई है। समिति द्वारा जोशयूडा, कानीकोट में कंप्यूटर, पाटी बाजार में महिलाओं के लिए सिलाई और विनाई का प्रशिक्षण देने के बाद 300 ऐसी महिलाएं हैं जो अपने पैरों पर खड़ी हो गई है ।कंप्यूटर का भी यहां के अधिकांश बच्चे प्रशिक्षण ले चुके हैं जिनका लाभ उन्हें पढ़ाई एवं रोजगार चलाने में मिल रहा है ।
समिति के निदेशक पीतांबर गहतोड़ी के दूरगामी सोच का ही परिणाम है कि भले ही भारत में लोग मोदी जी के आने के बाद स्वच्छ भारत मिशन का हिस्सा बने लेकिन इस क्षेत्र के 50 गांव में लोगों के लिए शौचालय बनाकर उन्हें खुले में सौच करने से रोका गया ।फलस्वरुप इन गांव का अनुशरण करते हुए अन्य गांव के लोगों ने भी अपने लिए शौचालय बनाए ।जन जागरण में यहां की महिलाएं जिले में प्रथम पंक्ति में खड़ी दिखाई देती है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में तोली गांव में वनों का संरक्षण किया गया है भटूयूडा की देबकी देबी हरोडी की मीना देवी गरसाड़ी की किरण ,रोलमेल की धनी देवी का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण समिति के द्वारा लगातार उन्हें प्रोत्साहित एवं ताकत देने के फल स्वरुप ही यहां की महिलाएं अन्य क्षेत्रों में भी जागरूक हुई है ।भले ही मत्स्य पालन बागवानी से बेमौसमी सब्जियां मछली पालन आदि तमाम क्षेत्रों में महिलाओं ने अपने कदम बढ़ाए हैं ।इस कार्य में कृष्णानंद गहतोड़ी, हरिनंदन गहतोड़ी ,किशोर चंद्र आदि लोगों के सहयोग को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। ग्राम शिक्षण केंद्र लोगों को आपस में जोड़ने एवं सकारात्मक विचारों के आदान-प्रदान करने का यहां सशक्त माध्यम बने हुए हैं ।

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