
देहरादून 17 अक्टूबर। अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय, कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, भर्ती घोटालों, पलायन और प्रदेश के संसाधनों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने अपना आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। शनिवार को देहरादून के एक निजी होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा ने कहा कि पार्टी जनता के सम्मान, महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के भविष्य और प्रदेश के संसाधनों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
कुमारी शैलजा ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक बेटी को न्याय दिलाने का मामला नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता, महिलाओं की सुरक्षा और सत्ता की जवाबदेही से जुड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि अंकिता के परिवार की ओर से उठाए जा रहे कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब अब तक नहीं मिला है। कांग्रेस इन सवालों का जवाब मिलने और अंकिता के परिवार को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखेगी।
उन्होंने भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अंकिता प्रकरण से जुड़े सवालों के बीच हुई इस नियुक्ति से उत्तराखंड की जनता की भावनाएं आहत हुई हैं। कांग्रेस का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
कुमारी शैलजा ने कहा कि अंकिता के माता-पिता की न्याय की लड़ाई में कांग्रेस उनके साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली में अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की और राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में गांधी प्रतिमा के समक्ष उपवास, प्रदर्शन, ज्ञापन और विभिन्न जिलों में कैंडल मार्च के माध्यम से भी आवाज उठाई जा रही है।
कांग्रेस प्रदेश में भ्रष्टाचार, भूमि और खनन से जुड़े मामलों को लेकर भी सरकार पर हमलावर रही। कुमारी शैलजा ने आरोप लगाया कि सड़कों, सरकारी ठेकों और विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने संदिग्ध भूमि सौदों, सरकारी ठेकों और खनन गतिविधियों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
उन्होंने बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े मामलों ने युवाओं के भरोसे को चोट पहुंचाई है। पहाड़ों में पलायन रोकने के लिए रोजगार, बुनियादी सुविधाओं और आजीविका के अवसर बढ़ाने की जरूरत है।
बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता प्रकरण पर भी कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच की मांग की। कुमारी शैलजा ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े धन का हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए और यदि कोई वित्तीय अनियमितता हुई है तो जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर भी कांग्रेस ने सरकार से जवाब मांगा। पार्टी ने राशन वितरण, मध्याह्न भोजन, राष्ट्रीय खेलों से संबंधित खर्चों और अन्य विभागीय मदों में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने एसआईटी जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जांच का उद्देश्य सच्चाई सामने लाना होना चाहिए।
27 अक्टूबर को गैरसैंण में विधानसभा का घेराव
कांग्रेस ने आगामी आंदोलन की रूपरेखा भी घोषित की। 22 से 25 अक्टूबर तक प्रदेशभर में न्याय यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद 27 अक्टूबर को विधानसभा सत्र के दौरान गैरसैंण में विधानसभा का घेराव किया जाएगा। कांग्रेस अंकिता भंडारी प्रकरण के साथ भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, पलायन और अन्य जनहित के मुद्दों को सदन के भीतर भी उठाएगी।
इसके अलावा 1 नवंबर को दिल्ली में एसआईआर और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आयोजित विशाल रैली में उत्तराखंड से कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल होंगे। 4 नवंबर को प्रदेश में भूमि नीतियों, कथित अनुचित भूमि हस्तांतरण और प्राकृतिक संसाधनों पर जनता के अधिकारों को लेकर धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश में पार्टी की सरकार बनने पर भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच, सरकारी खर्चों में पारदर्शिता, भर्ती प्रक्रिया में सुधार, युवाओं के लिए रोजगार, पलायन रोकने की ठोस नीति और महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रेसवार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, कैंपेन कमेटी अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, सीडब्ल्यूसी सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल, प्रदेश सह प्रभारी मनोज यादव और सुरेंद्र शर्मा सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।






