उद्योगों की जरूरत के अनुरूप तैयार हो राज्य का कौशल विकास प्लान: मुख्य सचिव

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देहरादून, 16 अक्टूबर। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि प्रदेश का कौशल विकास प्लान उद्योगों की वास्तविक जरूरतों और रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप तैयार किया जाए। प्रशिक्षण और उद्योगों की मांग के बीच के अंतर को चिन्हित कर उसे दूर करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता में एकरूपता के लिए उनके मानक निर्धारित किए जाएं।

मुख्य सचिव शुक्रवार को सचिवालय में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग, उद्योगों तथा निजी प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ राज्य का कौशल विकास प्लान तैयार किए जाने को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने राज्य और जनपद स्तर पर कौशल विकास की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रमों की योजना तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सभी जनपदों की जिला कौशल विकास योजनाएं शीघ्र तैयार कर पोर्टल पर अपलोड करने को कहा। योजनाओं में रोजगार की संभावनाओं, उपलब्ध प्रशिक्षण सुविधाओं और कौशल की मांग का आकलन किया जाए। जिन क्षेत्रों में रोजगार की पर्याप्त संभावनाएं हैं, लेकिन उसके अनुरूप प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें चिन्हित कर नए कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जाएं।

मुख्य सचिव ने कहा कि उद्योगों की आवश्यकताओं और प्रशिक्षण संस्थानों में उपलब्ध कराए जा रहे प्रशिक्षण के बीच के अंतर को दूर करना जरूरी है। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों और प्रशिक्षण के लक्ष्यों का आकलन करते हुए कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने उभरते हुए कौशल क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने और इस संबंध में सेतु आयोग के अध्ययन का उपयोग करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योगों की जरूरतों से जोड़ने के लिए भारतीय उद्योग परिसंघ और प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में संचालित सभी कार्यक्रमों के मानक तय किए जाएं। साथ ही प्रशिक्षण की नियमित समीक्षा और गुणवत्ता जांच के लिए तीसरे पक्ष से लेखा-परीक्षण कराने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि कौशल विकास योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें उद्योगों की मांग के अनुरूप दक्ष बनाकर बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना होना चाहिए। इसके लिए विभिन्न कौशल विकास योजनाओं और कार्यक्रमों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।
बैठक में सचिव सी. रविशंकर, श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव मनुज गोयल, रोहित मीणा, नवनीत पाण्डे, अनुराधा पाल, नरेन्द्र सिंह भण्डारी, भारतीय उद्योग संघ उत्तराखंड के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, सीआईआई उत्तराखंड के निदेशक गौरव लांबा, बजाज इंजीनियरिंग स्किल्स ट्रेनिंग सेंटर के डॉ. सचिन शर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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