
चम्पावत, 09 मई । जनपद चम्पावत में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 74 वादों का निस्तारण करते हुए ₹2.43 करोड़ से अधिक राशि का सेटलमेंट किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन माननीय अध्यक्ष/जिला जज अनुज कुमार संगल की अध्यक्षता तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भवदीप रावते के दिशा-निर्देशन में जिला न्यायालय परिसर चम्पावत एवं बाह्य न्यायालय टनकपुर में संपन्न हुआ।
लोक अदालत में जिला बार संघ चम्पावत, तहसील बार संघ टनकपुर के अधिवक्ताओं, पैनल अधिवक्ताओं, विभिन्न बैंकों के अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में आम लोगों ने प्रतिभाग किया। आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के आधार पर विभिन्न मामलों का त्वरित निस्तारण किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत गठित प्रथम पीठ में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, चम्पावत द्वारा 25 लंबित वादों का निस्तारण करते हुए ₹2,12,66,242 की धनराशि का सेटलमेंट कराया गया। वहीं द्वितीय पीठ में सिविल जज जूनियर डिवीजन, टनकपुर न्यायालय द्वारा 24 वादों का निस्तारण कर ₹5,04,400 का सेटलमेंट किया गया।
इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से कुल 49 लंबित वादों का निस्तारण कर ₹2,17,70,642 की धनराशि का सेटलमेंट कराया गया। इसके अतिरिक्त प्री-लिटिगेशन स्तर पर मनी रिकवरी से जुड़े 25 मामलों का निस्तारण करते हुए ₹25,47,470 की धनराशि का सेटलमेंट किया गया।जनपद के समस्त न्यायालयों में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत एवं प्री-लिटिगेशन मामलों को मिलाकर कुल 74 वादों का सफल निस्तारण हुआ तथा कुल ₹2,43,18,112 की धनराशि का सेटलमेंट संपन्न कराया गया।
इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय को सुलभ, त्वरित एवं कम खर्चीला बनाने का प्रभावी माध्यम है। इसके जरिए पक्षकार आपसी सहमति से विवादों का समाधान कर समय और धन दोनों की बचत कर सकते हैं। साथ ही इससे न्यायालयों में लंबित मामलों के भार को कम करने में भी सहायता मिल रही है।







