
देहरादून, 29 अप्रैल । जनपद में कानून व्यवस्था मजबूत बनाए रखने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित हो रहे होमस्टे पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन सफाई’ के तहत प्रथम चरण में 17 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए गए हैं। साथ ही इन्हें पर्यटन विभाग की वेबसाइट से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आगे भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
जिला प्रशासन की जांच में सामने आया कि कई होमस्टे नियमों के विपरीत होटल, बार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान के रूप में संचालित किए जा रहे थे। कई जगह रातभर नियमविरुद्ध बार संचालन, तेज आवाज में डीजे, नशाखोरी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। प्रशासन का कहना है कि ऐसे होमस्टे उपद्रवी प्रवृत्ति के लोगों के अड्डे बनते जा रहे थे, जिससे आमजन की जान-माल को खतरा बढ़ रहा था। शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं, नशे में ओवरस्पीड वाहन चलाने और फायरिंग जैसी घटनाओं के पीछे भी ऐसे ठिकानों की भूमिका सामने आ रही है।
डीएम सविन बंसल ने स्पष्ट कहा है कि आमजन की जान को खतरे में डालने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून से ऊपर कोई नहीं है और अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई तय है। उन्होंने महज सात दिनों में मजिस्ट्रेट की पांच टीमों का गठन कर सहसपुर और रायपुर विकासखंड के नगरीय क्षेत्रों में पंजीकृत होमस्टे की गहन जांच कराई। जांच में 17 ऐसे होमस्टे मिले जो उत्तराखंड गृह आवास (होमस्टे) नियमावली के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे थे, जिसके बाद उनके पंजीकरण निरस्त कर दिए गए।निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कई होमस्टे में रसोई की व्यवस्था नहीं थी, अग्निशमन उपकरण या तो उपलब्ध नहीं थे या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। कई जगह फूड लाइसेंस के बिना संचालन किया जा रहा था। कुछ होमस्टे का उपयोग बारात घर और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। कई स्थानों पर स्वामी का निवास नहीं पाया गया और इकाइयों को लीज या किराये पर चलाया जा रहा था। कई जगह पंजीकरण से अधिक कमरों का संचालन किया जा रहा था। विदेशी नागरिकों के ठहराव की सूचना सी-फॉर्म के जरिए उपलब्ध नहीं कराई गई थी, जबकि कुछ पंजीकृत होमस्टे बंद मिले।
निरंजनपुर क्षेत्र में एक होमस्टे में विदेशी नागरिकों के ठहराव की सूचना नियमानुसार नहीं दी गई और अग्निशमन उपकरण की वैधता समाप्त पाई गई। बल्लूपुर क्षेत्र में पंजीकरण से अधिक कमरों का संचालन पाया गया। मसूरी क्षेत्र में एक होमस्टे का स्वामित्व विक्रय किया जाना और दूसरे का नवीनीकरण न कराया जाना सामने आया।
जिलाधिकारी ने कहा कि होमस्टे योजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों और पर्यटन को बढ़ावा देना तथा स्थानीय निवासियों की आय में वृद्धि करना है, लेकिन कुछ लोग इसे होटल और व्यावसायिक केंद्र बनाकर योजना की मूल भावना के विपरीत कार्य कर रहे हैं। इससे न केवल व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
डीएम ने जिले के सभी होमस्टे संचालकों को नियमावली का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं और चेतावनी दी है कि भविष्य में भी जांच अभियान जारी रहेगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।






