
पंतनगर (उधम सिंह नगर )14 मार्च। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित 119वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया तथा विश्वविद्यालय के साहित्य का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय में आयोजित इस प्रकार के कृषि मेले किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी होते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से किसानों को कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों की जानकारी मिलती है और वैज्ञानिकों से सीधे संवाद का अवसर प्राप्त होता है।
उन्होंने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता और देश के असली नायक हैं। किसानों की मेहनत और समर्पण से ही देश को अन्न प्राप्त होता है और राष्ट्र की प्रगति संभव होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत की परिकल्पना में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है और गांव, क्षेत्र तथा देश के विकास में उनका योगदान सबसे अहम है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के 10 करोड़ से अधिक किसानों को आर्थिक सहायता मिल रही है। हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा योजना की 22वीं किस्त जारी की गई है, जिसका लाभ उत्तराखंड के 9 लाख से अधिक किसानों को प्राप्त हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा 25 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार कई योजनाओं पर काम कर रही है। प्रदेश में पॉलीहाउस को बढ़ावा देने के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिनमें से अब तक 115 करोड़ रुपये की लागत से 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं। साथ ही एरोमा वैली योजना और ड्रैगन फ्रूट की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र विशेष के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं। नई सेब नीति के तहत लगभग 1200 करोड़ रुपये की योजनाएं लागू की गई हैं तथा कई कृषि योजनाओं में किसानों को 80 प्रतिशत तक राजकीय सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में फलों के उत्पादन में लगभग ढाई प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मशरूम उत्पादन 27 हजार मीट्रिक टन तक पहुंच गया है और इस क्षेत्र में उत्तराखंड देश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन में भी राज्य में व्यापक संभावनाएं हैं। वर्तमान में राज्य में लगभग 3300 मीट्रिक टन शहद का उत्पादन हो रहा है और इस क्षेत्र में प्रदेश देश में आठवें स्थान पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के बजट में कृषि, उद्यान, एरोमैटिक, मत्स्य, मधुमक्खी पालन और शोध जैसे क्षेत्रों के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया गया है। सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और कृषकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने किसानों से नई कृषि तकनीकों को अपनाकर अधिक लाभ उठाने की अपील भी की।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि मेले में 350 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं और प्रतिदिन लगभग 20 हजार लोग इसमें भाग ले रहे हैं।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक तिलकराज बेहड़, मेयर विकास शर्मा, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, पूर्व दर्जा मंत्री राजेश कुमार, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।






