सीएम धामी की अध्यक्षता में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के एमओयू और ग्राउंडिंग की उच्चस्तरीय समीक्षा

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सीएम धामी की अध्यक्षता में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के एमओयू और ग्राउंडिंग की उच्चस्तरीय समीक्षा
स्पिरिचुअल जोन, आयुर्वेद एम्स और भराड़ीसैंण में मंदिर निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश
देहरादून 03 फरवरी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के अंतर्गत हुए एमओयू एवं उनकी ग्राउंडिंग (क्रियान्वयन) की प्रगति को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए गए एमओयू की वर्तमान स्थिति, जमीनी प्रगति, आ रही बाधाओं तथा आगे की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई।
एमओयू ग्राउंडिंग में ऐतिहासिक प्रगति
बैठक में जानकारी दी गई कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के तहत कुल 3,57,693 करोड़ रुपये के 1,779 एमओयू संपादित किए गए थे, जिनमें से अब तक 1,06,953 करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउंडिंग सफलतापूर्वक हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने इसे उत्तराखंड के औद्योगिक और आर्थिक भविष्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह निवेशकों के भरोसे, बेहतर कानून व्यवस्था, सुशासन और उद्योग-अनुकूल वातावरण का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस सकारात्मक रुझान को और आगे बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
एमओयू क्रियान्वयन में तेजी के लिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि एमओयू और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर आ रही बाधाओं का त्वरित समाधान किया जाए।
उन्होंने प्रत्येक विभाग में एक-एक नोडल अधिकारी नामित करने, एमओयू ग्राउंडिंग की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा आवश्यक होने पर नीतिगत संशोधन या सरलीकरण के प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से नियमित संवाद बढ़ाने, उन्हें ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, डिजिटलीकरण, सरल प्रक्रियाओं और उद्योग-फ्रेंडली इकोसिस्टम से जुड़े सुधारों की जानकारी देने पर भी जोर दिया।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजनाओं के इम्प्लीमेंटेशन में अनावश्यक देरी न हो, तय समयसीमा में कार्य पूरे किए जाएं और किसी भी स्तर पर पेंडेंसी न रखी जाए। बैठक में कुछ विभागों द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की मुख्यमंत्री ने सराहना भी की।
पर्यटन और निवेश के नए अवसरों पर फोकस
मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को निर्देश दिए कि पिथौरागढ़, कैंची धाम सहित अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों में होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए।
पर्यटन विभाग ने बताया कि स्पेशल टूरिस्ट ज़ोन के लिए विभिन्न क्षेत्रों में एरिया-आधारित फोकस पॉलिसी पर कार्य किया जा रहा है।
उद्योगों को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग को सभी जनपदों में प्रत्येक माह “उद्योग मित्र समिति” की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि उद्योगों से जुड़े मुद्दों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
संस्कृति और अध्यात्म आधारित संतुलित विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का प्रमुख केंद्र है। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन पर आधारित विश्वविद्यालय की स्थापना, हिंदू स्टडीज सेंटर और प्राच्य शोध केंद्र से जुड़े पूर्व निर्देशों पर अग्रिम कार्रवाई, स्पिरिचुअल जोन डेवलपमेंट, भराड़ीसैंण में मंदिर एवं अन्य अवसंरचनात्मक निर्माण कार्य तथा आयुर्वेद एम्स की स्थापना से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, विनय शंकर पांडेय, रणजीत सिन्हा, एस. आदंकी, सी. रवि शंकर, डी.एस. गब्र्याल, वन विभाग से रंजन कुमार मिश्रा, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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