पतंजलि विश्वविद्यालय में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया प्रकाश पर्व एवं लोहड़ी उत्सव
हरिद्वार, 14 जनवरी। श्री गुरु गोबिंद सिंह चेयर के तत्वावधान में पतंजलि विश्वविद्यालय परिसर में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व एवं लोहड़ी उत्सव श्रद्धा, उल्लास और गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति आचार्य बालकृष्ण, प्रति-कुलपति प्रो. मयंक कुमार अग्रवाल, अधिष्ठाता मानविकी एवं प्राच्य विद्या संकाय डॉ. साध्वी देवप्रिया तथा अधिष्ठाता शोध एवं शिक्षण डॉ. ऋत्विक सहाय द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।
इस अवसर पर कुलपति आचार्य बालकृष्ण ने अपने संबोधन में कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन ‘संत-सिपाही’ परंपरा का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध निर्भय होकर संघर्ष करने का संदेश दिया तथा राष्ट्रप्रेम, आत्मसम्मान और चरित्र निर्माण को जीवन का आधार बताया। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी की शिक्षाएं आज भी संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
कार्यक्रम में श्री गुरु गोबिंद सिंह चेयर के प्रोफेसर डॉ. जीत सिंह संधू ने गुरु गोबिंद सिंह जी की ऐतिहासिक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने वंचित और शोषित समाज को आत्मसम्मान और साहस प्रदान कर उन्हें ‘सिंह’ की पहचान दी। खालसा पंथ की स्थापना को उन्होंने एक युगांतरकारी घटना बताते हुए कहा कि यह सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
इस अवसर पर अधिष्ठाता विज्ञान संकाय एवं परीक्षा नियंत्रक प्रो. अरविंद कुमार सिंह, अधिष्ठाता प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान संकाय डॉ. तोरण सिंह, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. विनय कुमार शर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षकगण, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में चेयर की समन्वयक डॉ. निवेदिता शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। पारंपरिक लोहड़ी प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का भावपूर्ण समापन हुआ। कार्यक्रम का संचालन चेयर की सहायक समन्वयक डॉ. गुरनीत कौर ने किया।







