धैर्य, समर्पण और अदम्य इच्छाशक्ति के प्रतीक हैं पीआरडी जवान : मुख्यमंत्री
देहरादून 11 दिसंबर
। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को ननूरखेड़ा स्थित युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल (पीआरडी) निदेशालय परिसर में आयोजित पीआरडी स्थापना दिवस समारोह में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने रैतिक परेड की सलामी ली तथा दिवंगत पीआरडी स्वयंसेवकों के आश्रितों को सहायता राशि और पीआरडी जवानों के बच्चों को छात्रवृत्ति के चेक वितरित किए।
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि पीआरडी जवानों के लिए एक विशिष्ट प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जाएगी, जिससे उन्हें आधुनिक, उन्नत और व्यवस्थित प्रशिक्षण मिल सके। साथ ही, उन्होंने बताया कि ड्यूटी के दौरान अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में पीआरडी जवान को ड्यूटी पर ही माना जाएगा और छह माह तक मानदेय प्रदान किया जाएगा। ग्राम अस्थल, रायपुर में खेल मैदान निर्माण की घोषणा भी की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीआरडी जवान धैर्य, संवेदनशीलता और अदम्य इच्छाशक्ति के साथ यातायात व्यवस्था, सुरक्षा, लिपिकीय कार्यों, आपदा प्रबंधन और चारधाम यात्रा जैसे चुनौतीपूर्ण कार्यों में हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य गठन के समय पीआरडी जवानों को मात्र 65 रुपये प्रतिदिन भत्ता मिलता था, जिसे बढ़ाकर 650 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि अब तक मृत एवं घायल पीआरडी जवानों और उनके आश्रितों को 70 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि दी जा चुकी है। 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त होने वाले जवानों को 18 लाख रुपये का एकमुश्त सेवा-भत्ता प्रदान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि साम्प्रदायिक दंगों और अति संवेदनशील ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले जवानों के लिए सहायता राशि को बढ़ाया गया है।
- दंगों में मृत्यु पर राशि 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये
- अति संवेदनशील ड्यूटी में मृत्यु पर 75 हजार से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये
- सामान्य ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये
उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदा में हुए नुकसान के लिए भी 50 हजार रुपये तक की सहायता का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2023 से मृत एवं अपंग जवानों के आश्रितों को पीआरडी में पंजीकृत कर नियुक्तियां दी जा रही हैं। अब तक पंजीकृत 190 आश्रितों में से 133 को रोजगार दिया जा चुका है। इस माह 149 पंजीकृत आश्रितों को विभागीय अर्द्धसैनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि चुनावों, पर्व-त्योहारों, आपदाओं और आम दिनों में पीआरडी जवान सदैव जनता की सेवा में तत्पर रहते हैं। मुख्यमंत्री ने उनके हित में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। वर्तमान में 7500 से अधिक पीआरडी जवान अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, अपर निदेशक युवा कल्याण राकेश डिमरी सहित अनेक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।





