सिडकुल IT पार्क में 4,000 करोड़ की सरकारी भूमि आवंटन में संभावित घोटाला: कांग्रेस नेता अभिनव थापर ने उठाए सवाल

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

देहरादून 27 नवंबर ।देहरादून के सहस्त्रधारा रोड स्थित सिडकुल IT पार्क की लगभग 98.5 एकड़ सरकारी भूमि, जिसका बाजार मूल्य करीब ₹4,000 करोड़ बताया जा रहा है, उसके आवंटन में बड़े घोटाले की आशंका जताई जा रही है। कांग्रेस मुख्यालय में गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और अधिवक्ता अभिनव थापर ने इस मामले में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सिडकुल प्रशासन पर दस्तावेज़ों को लंबे समय तक दबाए रखने का आरोप लगाया।

RTI में दो वर्षों तक दस्तावेज़ छुपाने का आरोप

थापर ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2023 में RTI के तहत IT पार्क भूमि आवंटन से जुड़े सभी दस्तावेज़, नोटशीट, स्वीकृतियां और फाइलें मांगी थीं, लेकिन दो साल बीत जाने के बावजूद सिडकुल ने कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई।
23 अप्रैल 2024 की फर्स्ट अपील में भी स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि यदि रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है तो “विधिक कार्यवाही” की जाए, लेकिन न तो FIR दर्ज हुई और न ही सूचना प्रदान की गई।
30.05.2024 और 31.05.2025 को सिडकुल ने पत्र लिखकर स्पष्ट कहा कि भूमि आवंटन से संबंधित पत्रावली कार्यालय में उपलब्ध ही नहीं है।

मुख्य सूचना आयुक्त के आदेश की भी अवहेलना

RTI में जानकारी न मिलने के बाद थापर ने सेकंड अपील मुख्य सूचना आयुक्त के समक्ष दायर की। सुनवाई में यह तथ्य सामने आया कि सिडकुल ने दो साल से अधिक समय तक अपने रिकॉर्ड में यह दर्शाया कि “IT Park परियोजना हेतु PMC–M/s Feedback Ventures Pvt. Ltd. की चयन प्रक्रिया से संबंधित कोई फाइल उपलब्ध नहीं है।”

5 अगस्त 2025 को मुख्य सूचना आयुक्त ने फाइल गायब होने पर FIR दर्ज करने के निर्देश दिए। लेकिन आदेश के बाद यह फाइल अचानक “ट्रेस” हो गई, जबकि दो वर्ष तक इसे “अनट्रेसएबल” बताया जा रहा था।
मुख्य सूचना आयुक्त ने 16 सितंबर 2025 को सिडकुल को मुफ्त में प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने का आदेश दिया, लेकिन कांग्रेस के अनुसार यह आदेश भी अब तक लागू नहीं हुआ है।

थापर बोले—यह जनता की संपत्ति की लूट

अभिनव थापर ने कहा कि IT पार्क की ₹4,000 करोड़ मूल्य की यह भूमि राज्य की अहम संपत्ति है। इसके आवंटन में अनुचित लाभ, गंभीर अनियमितताएं और फाइलों को दबाने की कोशिश इस बात का संकेत हैं कि बड़ा घोटाला हुआ है।
उन्होंने कहा कि “यह जनता के संसाधनों की लूट है। दो साल तक दस्तावेज़ दबाने का मतलब है कि कुछ बड़ा छुपाया जा रहा है। कांग्रेस इस मामले को जनता के बीच जोरदार तरीके से उठाएगी।”

उच्च स्तरीय जांच व क्रिमिनल FIR की मांग

थापर ने मांग की कि जिन अधिकारियों ने RTI व मुख्य सूचना आयुक्त के आदेशों का पालन नहीं किया, उनके खिलाफ तुरंत उच्च स्तरीय जांच बैठाई जाए और क्रिमिनल FIR दर्ज कर पता लगाया जाए कि फाइलें वर्षों तक क्यों दबाई गईं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर आर्थिक अपराध का मामला है।

प्रेस वार्ता में कर्नल रामरतन नेगी, पार्षद कोमल वोहरा, शीशपाल बिष्ट, मोहन काला, अरुण बलूनी सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Comment