चंपावत, 13 नवम्बर ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को टनकपुर में आयोजित सहकारिता मेले के अवसर पर ‘आदर्श चंपावत’ लोगो का विधिवत विमोचन किया। यह लोगो मुख्यमंत्री की दूरदृष्टि और परिकल्पना पर आधारित है, जिसके माध्यम से चंपावत को शासन, विकास, जनसहभागिता और पर्यावरणीय संतुलन का ‘मॉडल जिला’ बनाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया जा रहा है।
लोगो की आधिकारिक व्याख्या के अनुसार, इसके केंद्र में दर्शाया गया ऐतिहासिक मंदिर चंपावत की प्राचीन सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर का प्रतीक है। यह संदेश देता है कि विकास की यात्रा में आस्था, परंपरा और गौरवशाली इतिहास मूल आधार रहेंगे।
हरियाली और पर्वतीय पृष्ठभूमि क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरणीय समृद्धि को दर्शाती है। यह संकेत देती है कि ‘आदर्श चंपावत’ का विकास सतत, पर्यावरण-सम्मत और प्रकृति-संरक्षण आधारित होगा।
लोगो में दर्शाए गए गियर (यांत्रिक पहिए) जिले में बढ़ते औद्योगिक और तकनीकी नवाचार के प्रतीक हैं। यह बताता है कि सरकार का उद्देश्य केवल पारंपरिक विकास नहीं, बल्कि रोजगार, स्टार्टअप, उद्यमिता और तकनीकी प्रगति को भी प्रोत्साहित करना है।
नदी में राफ्टिंग करते युवा एडवेंचर टूरिज्म, युवा सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की भावना को दर्शाते हैं। यह मुख्यमंत्री धामी की उस सोच को प्रतिबिंबित करता है, जिसमें युवा शक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर आत्मनिर्भर चंपावत के निर्माण की परिकल्पना की गई है।
दोनों ओर खिले पुष्प सौंदर्य, शांति, संतुलन और सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं, जो यह इंगित करते हैं कि विकास तभी “आदर्श” कहलाएगा जब वह संवेदनशील, समावेशी और मानवीय मूल्यों पर आधारित होगा।
चारों ओर अंकित ऐपन कला चंपावत की समृद्ध लोकसंस्कृति और पारंपरिक हस्तशिल्प की पहचान है। यह दर्शाती है कि “आदर्श चंपावत” की आत्मा उसकी सांस्कृतिक जड़ों और लोककला की जीवंतता में निहित है।
“आदर्श चंपावत” का लोगो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की परिकल्पना, दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता का सजीव प्रतीक है। यह उस संतुलित विकास मॉडल का प्रतिनिधित्व करता है, जहाँ संस्कृति की जड़ें मज़बूत हैं, प्रकृति की हरियाली संरक्षित है, तकनीक की प्रगति सतत है और युवाओं की ऊर्जा विकास की आधारशिला है।
कार्यक्रम उपरांत मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ व्यापारी स्वर्गीय दिनेश चंद्र औली एवं उनके पुत्र अंकुर औली के निधन पर शोकाकुल परिवार से सीमेंट रोड स्थित उनके निवास पर पहुँचकर मुलाकात की और परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति एवं शोकाकुल परिवार को इस दुःख की घड़ी में धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।







