एंडोबैग मॉर्सेलेशन तकनीक से हुई जटिल लेप्रोस्कोपिक म्योमेक्टॉमी सर्जरी, महिला अब स्वस्थ
देहरादून 25 अक्टूबर ।देहरादून के आरजी हॉस्पिटल ने एक और बड़ी चिकित्सकीय उपलब्धि हासिल की है। यहां 28 वर्षीय महिला के गर्भाशय से 2.8 किलोग्राम वजन के 17 फाइब्रॉइड को एंडोबैग मॉर्सेलेशन तकनीक के जरिये सफलतापूर्वक हटाया गया। यह जटिल लेप्रोस्कोपिक म्योमेक्टॉमी सर्जरी थी, जिसे डॉक्टरों की टीम ने बखूबी अंजाम दिया।
महिला लंबे समय से पेट दर्द और अत्यधिक मासिक रक्तस्राव से पीड़ित थीं। फाइब्रॉइड की अधिकता के कारण उनके रोजमर्रा के कार्य बाधित हो रहे थे और भविष्य में बांझपन (इन्फर्टिलिटी) की संभावना भी बढ़ गई थी। ऐसे में तत्काल सर्जरी आवश्यक थी।
सर्जरी का नेतृत्व गायनेकोलॉजी कंसल्टेंट डॉ. तुषार अग्रवाल ने किया, जबकि एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर की जिम्मेदारी डॉ. अक्षता सुतकट्टी ने संभाली। दोनों विशेषज्ञों के निर्देशन में यह ऑपरेशन सामान्य एनेस्थीसिया के तहत किया गया।
डॉ. तुषार अग्रवाल ने बताया, “यह सर्जरी बेहद चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि फाइब्रॉइड की संख्या और आकार दोनों बड़े थे। हमारा मुख्य उद्देश्य मरीज की प्रजनन क्षमता को सुरक्षित रखना था। पूरी टीम के सामूहिक प्रयास से हमने न्यूनतम रक्तस्राव के साथ यह सर्जरी पूरी की। मरीज की रिकवरी देखकर बहुत खुशी हो रही है।”
वहीं, डॉ. अक्षता सुतकट्टी ने कहा, “ऐसे मामलों में एनेस्थीसिया प्रबंधन बेहद जटिल होता है। टीमवर्क और सटीक योजना के चलते सब कुछ सुचारू रूप से हुआ। मरीज की हालत अब पूरी तरह स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रही हैं।”
सर्जरी के बाद मरीज को कुछ ही दिनों में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों के अनुसार, महिला अब सामान्य जीवन की ओर लौट रही हैं और उनकी प्रजनन क्षमता पूरी तरह सुरक्षित है।
आरजी हॉस्पिटल्स की यह उपलब्धि न केवल उन्नत स्त्री रोग शल्य चिकित्सा में विशेषज्ञता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि यहां जटिल से जटिल मामलों को भी आधुनिक तकनीक और अनुभवी चिकित्सकों की देखरेख में सफलतापूर्वक संभाला जा सकता है।










