देहरादून 7 फरवरी ।
रंग नक्षत्र सम्मान समारोह एवं नाट्यभूषण लक्ष्मी नारायण द्वारा लिखित नाट्य पुस्तक ‘मेरे सात नाटक’ का विमोचन स्थानीय उत्तरांचल प्रेस क्लब में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नानक चन्द राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय सामाजिक न्याय कृति मंच थे। इस दौरान कार्यक्रम की अध्यक्षता नाट्यभूषण लक्ष्मी नारायण राष्ट्रीय अध्यक्ष दून घाटी रंगमंच ने की। अति विशिष्ठ अतिथि के रूप में उत्तराखण्ड शासन के उपसचिव चन्द्र बहादुर तथा विशिष्ठ अतिथि जन कल्याण पत्रकार समिति के प्रदेश अध्यक्ष एमएस चौहान ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
मंच के अध्यक्ष नाट्यभूषण लक्ष्मी नारायण ने बताया कि इस अवसर पर उत्तराखण्ड के कुछ रंग नक्षत्रों को सम्मानित किया गया जिसमें ‘नाट्य रत्न’ एसपी ममगाई. ‘रंग श्री’ सुभाष धीमान व ‘दून कीर्ति’ के लिए कैलाश कन्डवाल, मणि भारती व श्रीमती सुरमयी को विभूषित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नानक चन्द ने अपने सम्बोधन में कहा कि नाट्यभूषण लक्ष्मी नारायण ने पिछल सात दशकों तक राष्ट्रीय रंगमंच के लिए संवर्धन, संरक्षण के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया है। नारायण को राष्ट्र के लगभग 16 राज्यों ने कई गौरवशाली सम्मानों व उपाधियों से विभूषित किया है जिसमें प्रमुख ‘नाट्यभूषण सम्मान उड़ीसा राज्य से, ‘नाटकबाज सम्मान’ हिमाचल प्रदेश से, ‘उत्तराखण्ड गौरव सम्मान नरेन्द्र मोदी विचार मंच द्वारा, ‘नाट्यश्री’ उपाधि इलाहाबाद से, “अम्बेडकर फेलोशिप सम्मान’ भारतीय दलित साहित्य अकादमी दिल्ली. ‘लाईफ टाईम अचीवमेंट अवार्ड कोटद्वार पौडी, तथा ‘निष्ठा सांस्कृतिक सम्मान’ गुडगाँव हरियाणा आदि प्रमुख हैं। नाट्यभूषण लक्ष्मी नारायण का नाम पद्मश्री अवार्ड के लिए 12 जून 2024 को नेशनल अवार्ड कमेटी दिल्ली को प्रेषित किया गया। दिनांक 26 जुलाई 2024 को उत्तराखण्ड शासन के गोपन विभाग को प्रस्तुत किया। 10 जुलाई 2024 को जिलाधिकारी देहरादून को भी प्रेषित किया गया था। तत्पश्चात 20 जुलाई 2024 को तहसील विभाग से पटवारी चौहान द्वारा नारायण के निवास (कार्यालय) पर जांच की गई तथा आख्या पुन: जिलाधिकारी देहरादून को वापस भेज दी गई। दिनांक 26 जनवरी को समाचार पत्र हिन्दुस्तान हिन्दी के पृष्ठ 12 पर प्रकाशित 16 नामों की चित्र सहित पदम्श्री अवार्ड की घोषणा प्रकाशित की गई परन्तु उसमें उत्तराखण्ड के किसी भी व्यक्ति को सम्मानित नहीं किया गया।
इस अवसर पर यूनिवर्सल नाट्य विद्यालय के सचिव अनुज राजपूत, एमएस चौहान, सुरेश पारछे, विजय कुमार, महेश नारायण आदि ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में नाट्यभूषण लक्ष्मी नारायण द्वारा लिखित नाट्य पुस्तक ‘मेरे सात नाटक” का विमोचन मुख्य अतिथि नानक चन्द द्वारा किया गया।
इस अवसर पर बृजेश नारायण, नीलम बतरा, राम सिंह वालिया, अब्बास नकवी, आदेश नारायण, सरदार रणवीर सिंह सेठी, विद्याभूषण शर्मा, अजय भारती, धीरज भारती, सुरेश पारछे, शिव कुमार, दीपक, नत्थु सिंह, बबली देवी, दिनेश नारायण, सरला सिंह दोहरे, विशाल, संदीप, शेखर, श्रीमती रजनी सिंह आदि उपस्थित थे।










