देहरादून फुटबाल एकेडमी की टीम स्टेट चैंपियनशिप के लिए पौड़ी रवाना

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देहरादून। देहरादून फुटबाल एकेडमी (डीएफए) के सीनियर खिलाड़ियों को डीएफए संरक्षक एवं उत्तराखंड सरकार के अपर मुख्य चिकित्साअधिकारी डा0 कैलाश गुन्जियाल ने फ्रलेग आफ किया। डीएफए के संस्थापक, नेशनल रेपफरी डा0 विरेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि 20 दिन का कैम्प फुटबाल ग्राउंड मंे लगाया गया था जिसमें 30 खिलाड़ियों को हिस्सा लिया। उसके 16 खिलाड़ियों का चयन पौड़ी गढ़वाल के पाबो मे आयोजित स्टेट चैंपियनशिप के लिए किया गया।
चयनित टीम में कप्तान वरुण चौहान, प्रनव, कुनाल, अवी, अरमान, सुमित, आयुष, उत्कर्ष, कृष, आदु, रोहन, रजत, कपिल, आदित्य शर्मा, कपिल, अमन, हर्षित चौहान शामिल है। डीएफए टीम को एकेडमी के आफिस अपर नत्थनपुर से विदा किया गया। इनमें टीम के मैनेजर पूर्व आर्मी कैप्टेन धीरज थापा, असिस्टेंट कोच राहुल बिजलवान, असिस्टेंट मैनेजर विमल सिंह रावत, सदस्य मनोज नेगी शामिल है।
डा0 रावत ने बताया कि 2015 में डीएफए की टीम चैंपियन बनी थी। पाबो में लम्बे अंतराल के बाद युवा टीम जा रही है। हमें उम्मीद और आशा है कि टीम अच्छा प्रदर्शन करेगी। डीएफए का भराड़ी एफसी के साथ पहला प्री-क्वाटर फाइनल मैच है।
डा0 रावत ने बताया कि कल ही वहे पूना से आए है। वहां इंडिया खेलो फुटबाल का फाइनल नेशनल ट्रायल महाराष्ट्र के पुणे मंे हुआ था जिसमें आईएसएल और प्रोफेशनल क्लब के ओनर और नेशनल और इंटरनेशनल खिलाड़ियों से मुलाकात हुई जिसमें उत्तराखंड से एकमात्र डीएफए का खिलाडी गोल कीपर अंडर 15 मंे प्रिन्स रावत का सिलेक्शन प्रोफेशनल क्लब मंे हुआ है।
डा0 रावत ने बताया कि महाराष्ट्र का फुटबाल और अन्य खेल इतना आगे है क्योंकि वहां की सरकार ने हर खेल के खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन सुविधा दे रखी है। जैसे ग्राउंड बहुत अच्छे है, रहने, खाने, कोचिंग, स्कूल की भी अच्छी सुविधा है। अगर उत्तराखंड में भी खिलाड़ियों को अच्छी सुविधा मिल जाए तो उत्तराखंड भी खेलों का हब बन सकता है।

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