चम्पावत।
वर्तमान समय में महिलाओं को स्वरोजगार के लिए जागरूक होकर अपने द्वारा निर्मित उत्पादों को उत्तम क्वालिटी, बेहतर गुणवत्ता के साथ प्रस्तुत करने के लिए आगे आना होगा, इस स्थिति में निर्मित उत्पादों को बाजार स्वयं मिल जाएगा यह बात आज चम्पावत स्थित यूकॉस्ट द्वारा संचालित महिला प्रौद्योगिकी केन्द्र में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ कपिल जोशी ने कही, डॉ जोशी ने आज महिला प्रौद्योगिकी केन्द्र का निरीक्षण किया और केंद्र में उपस्थित महिलाओं से वार्ता कर यूकॉस्ट द्वारा संचालित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी ली, डॉ जोशी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के पश्चात आ रही दिक्कतों को समझा और निराकरण करने के लिए आश्वस्त किया,और कल्प वृक्ष च्यूरा के उत्पादन को और अधिक उत्पादित करने का सुझाव दिया,इंद्रेश लोहनी समन्वयक आदर्श चम्पावत ने बताया कि महिला प्रौद्योगिकी केन्द्र में माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की परिकल्पना के अनुसार चंपावत को आदर्श चम्पावत बनाने की दिशा में यूकॉस्ट महानिदेशक प्रो दुर्गेश पंत के नेतृत्व में विभिन्न आयवर्धक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं इनमें होजरी, मडुवा से लड्डू और बिस्किट, एरोमा मिशन के तहत सुगन्धित पौधों की खेती, मेडिसनल मशरूम का उत्पादन, जूट बैग निर्माण आदि शामिल है, इन कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय महिलाएं अपनी आय वृद्धि के साथ साथ समाज में बेहतर संदेश दे सकती हैं, डॉ जोशी द्वारा निर्माणाधीन साइंस सेंटर का भी निरीक्षण किया,जिला विकास अधिकारी दिनेश दिगारी ने एन आर एल एम द्वारा तथा ग्राम्य विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी से डॉ कपिल जोशी को अवगत कराया, वन विभाग की एस डी ओ नेहा चौधरी ने पीरूल से ब्रिकेट्स बनाने की जानकारी दी, जिसे की यूकॉस्ट और आई आई पी द्वारा संयुक्त रूप से वन विभाग के सहयोग से किया जा रहा है, इस अवसर पर यूकॉस्ट प्रतिनिधि संतोष कर्नाटक, दीपिका भट्ट पंकज बिष्ट, प्रतिभा पपने, पुष्पा जोशी, विमला पाण्डेय, प्रेरणा अधिकारी, हीरा देवी, रूक्मणी भट्ट, राजेश्वरी पाण्डेय, ममता देवी, दुर्गा सगटा, राधा जोशी, विमला जोशी आदि शामिल थे.









