धौरण रोड और सहस्त्रधारा रोड पर अवैध निर्माण सील, एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई

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स्वीकृत मानचित्र से विचलन और बिना अनुमति दुकानों के निर्माण पर चला प्राधिकरण का शिकंजा

देहरादून। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में अनाधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए शनिवार को धौरण रोड और सहस्त्रधारा रोड पर कई निर्माण सील कर दिए। प्रवर्तन टीम ने आईटी पार्क क्षेत्र और सहस्त्रधारा रोड के विभिन्न स्थानों पर स्वीकृत मानचित्र से विचलन तथा बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की।

धौरण रोड स्थित आईटी पार्क क्षेत्र के दून डिवाइन परिसर में मैसर्स युग रियल एलएलपी (देवेश वरयानी) द्वारा छह स्वीकृत मानचित्रों के अनुरूप प्रस्तावित निर्माणों को आपस में जोड़कर एक भवन के रूप में विकसित किया जा रहा था। एमडीडीए के अनुसार, स्वीकृत मानचित्रों से विचलन करते हुए फ्लैट बनाने के उद्देश्य से निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण ने मामले में नियमानुसार वाद योजित करने के बाद मौके पर निर्माण को सील कर दिया।

इसी तरह सहस्त्रधारा रोड स्थित मंदाकिनी विहार में शुभ्रा राय द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के तीन दुकानों का निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण ने संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने और आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने का अवसर दिया, लेकिन संतोषजनक जवाब और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके बाद मौके पर पहुंचकर अनाधिकृत निर्माण को सील कर दिया गया।

सहस्त्रधारा रोड पर नॉर्थ साइड सिटी पार्क के निकट साहनी द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के चार दुकानों का निर्माण किया जा रहा था। इस मामले में भी प्राधिकरण ने नियमानुसार वाद योजित कर वैधानिक प्रक्रिया अपनाई और निर्माण को सील कर दिया।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून शहर और आसपास के क्षेत्रों का सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक निर्माण कार्य निर्धारित भवन उपविधियों और स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप होना चाहिए। बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण अथवा स्वीकृत मानचित्र में मनमाना बदलाव नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि अनाधिकृत निर्माणों पर प्राधिकरण की निगरानी और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध और अनाधिकृत निर्माणों की नियमित निगरानी की जा रही है। बिना मानचित्र स्वीकृति अथवा स्वीकृत मानचित्र से विचलन के मामलों में नियमानुसार वाद योजित कर संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सीलिंग सहित आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाती है।

प्राधिकरण ने आमजन और निर्माणकर्ताओं से अपील की है कि भवन, दुकान या व्यावसायिक परिसर का निर्माण शुरू करने से पहले सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें और स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही निर्माण कराएं। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि शहर के सुव्यवस्थित विकास के लिए अनाधिकृत निर्माणों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा ।

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