
नानकमत्ता, 5 अक्टूबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नानकमत्ता प्रवास के दौरान उत्तराखंड देवभूमि ट्रक ओनर्स महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष राकेश जोशी के नेतृत्व में उनसे मुलाकात कर ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़ी समस्याओं को लेकर छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। महासंघ ने पुराने लंबित चालानों के निस्तारण के लिए उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में भी एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई।
महासंघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि ट्रांसपोर्ट कारोबार से प्रदेश में 20 लाख से अधिक परिवार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। उनके अनुसार यह क्षेत्र रोजगार उपलब्ध कराने के साथ पलायन रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन मौजूदा समय में ट्रांसपोर्टर कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
महासंघ के प्रवक्ता हरजीत सिंह चड्ढा ने कहा कि हल्द्वानी, रुद्रपुर और किच्छा में लगने वाले लंबे जाम से ट्रांसपोर्टरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। समय पर माल नहीं पहुंचने के साथ डीजल की अतिरिक्त खपत और वाहनों के रखरखाव का खर्च भी बढ़ रहा है।
महासंघ ने वाहनों को केवल कागजात की जांच के नाम पर रोकने और मनमाने चालान की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। साथ ही हजारों ट्रांसपोर्टरों के पुराने लंबित चालानों के निस्तारण के लिए ओटीएस योजना लागू करने की मांग की गई। महासंघ का कहना है कि इससे ट्रांसपोर्टरों को राहत मिलने के साथ सरकार को राजस्व भी प्राप्त हो सकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने पहाड़ी क्षेत्रों में ऑल इंडिया परमिट वाले वाहनों के लिए 16.2 टन सकल वाहन भार की सीमा का पालन सुनिश्चित करने और हिल इंडोर्समेंट अनिवार्य करने की मांग भी रखी। इसके अलावा हल्द्वानी, रामनगर, टनकपुर, ऋषिकेश, कोटद्वार और विकासनगर में स्वचालित तौल कांटे लगाने की मांग की गई।
महासंघ ने सरकारी निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली 20 फीट से अधिक लंबाई की सामग्री, जैसे सरिया, जीआई पाइप और बिजली के पोल आदि की ढुलाई करने वाले वाहनों को चालानी कार्रवाई में राहत देने की मांग भी मुख्यमंत्री के सामने रखी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
इस दौरान महासंघ के वरिष्ठ पदाधिकारी भास्कर जोशी, ललित पाठक, दयाकिशन शर्मा, राजेश नियोलिया, हरजीत सिंह चड्ढा सहित कुमाऊं क्षेत्र के कई ट्रांसपोर्ट व्यवसायी मौजूद रहे।








