उत्तराखंड की जनता स्थायित्व और विकास चाहती है : धामी

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मुख्यमंत्री ने कहा- विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में युवाओं की अहम भूमिका

देहरादून 24 सितंबर।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता स्थायित्व और विकास चाहती है। राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में देश की युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री गुरुवार को राजपुर रोड स्थित एक होटल में अड्डा इनसाइडर समाचार पत्र की ओर से ‘उत्तराखंड-विकास, चुनौतियां और 2027 की राह’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनकी पार्टी का सिद्धांत ‘राष्ट्र प्रथम, संगठन द्वितीय और व्यक्ति तृतीय’ रहा है। सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।

सीमांत क्षेत्रों के विकास को मिली नई प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री बनने के बाद वह अब तक 28 बार उत्तराखंड आ चुके हैं। उन्होंने सीमांत क्षेत्रों के विकास को नई प्राथमिकता दी है। माणा पहुंचकर प्रधानमंत्री ने सीमांत गांवों को देश का अंतिम गांव नहीं, बल्कि ‘प्रथम गांव’ बताया था। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को लेकर नई सोच को बल मिला है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में राज्य ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। पर्यटन के क्षेत्र में भी उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न पुरस्कार मिले हैं। राज्य फिल्म शूटिंग, साहसिक पर्यटन और विवाह आयोजन के प्रमुख स्थलों के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार युवाओं को बेहतर शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि उन्हें युवाओं के बीच जाना और उनसे संवाद करना पसंद है। वह युवाओं के बीच मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक दोस्त के रूप में जाने का प्रयास करते हैं। युवाओं के विचारों, आकांक्षाओं और ऊर्जा से उन्हें भी नई ऊर्जा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इससे मेहनती और योग्य युवाओं का भर्ती व्यवस्था में विश्वास मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले करीब पांच वर्षों में प्रदेश में लगभग 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है।

13 हजार एकड़ से अधिक भूमि अतिक्रमण मुक्त

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के मूल स्वरूप को बनाए रखने के साथ सरकारी भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई भी लगातार जारी है। अब तक राज्य में 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड विकास के नए दौर से गुजर रहा है। सरकार का लक्ष्य विकास को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के साथ प्रदेश के युवाओं को उनकी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप उत्तराखंड को विकसित और सशक्त राज्य बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

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