
देहरादून, 12 अगस्त। स्मार्ट मीटरों से जुड़ी शिकायतों और अचानक बढ़े विद्युत बिलों के मामले को लेकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को ऊर्जा विभाग एवं उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के निदेशक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव रितेश छैत्री ने किया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई उपभोक्ताओं को अत्यधिक विद्युत बिल मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने स्मार्ट मीटरों की स्वतंत्र एवं तकनीकी जांच कराने तथा अधिक बिल आने वाले उपभोक्ताओं के मीटर और विद्युत खपत की जांच कर बिलों में आवश्यक सुधार की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि जांच पूरी होने तक विवादित विद्युत बिलों की वसूली पर रोक लगाई जाए। दोषपूर्ण मीटर तत्काल बदले जाएं और अतिरिक्त वसूली की गई राशि का समायोजन या भुगतान उपभोक्ताओं को किया जाए। साथ ही मीटर रीडिंग और बिल गणना की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने तथा स्मार्ट मीटर लगाने से पहले उपभोक्ताओं को इसकी पूरी जानकारी देने की मांग भी की गई।
रितेश छैत्री ने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं पर किसी भी स्थिति में अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं पड़ना चाहिए। यदि स्मार्ट मीटर या बिलिंग व्यवस्था में तकनीकी खामी के कारण अधिक बिल आ रहे हैं तो विभाग को तत्काल जांच कर उपभोक्ताओं को राहत देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उपभोक्ताओं के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी।
प्रतिनिधिमंडल में संजय शर्मा, राजीव पुंज, अनुराग गुप्ता, चरणजीत कौशल, प्रमोद गुप्ता, राजेश शर्मा, दीवान बिष्ट, मुकेश चौहान, राम कुमार थपलियाल, अनिल नेगी, अनिल बस्नेत, राजेंद्र धवन, विजय शाही, कासिम चौधरी, मोहित मेहता, सतीश कुमार, गौरव वर्मा, मेहताब आलम, नितिन रावत, अरुण सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।







