
180 दिन से लंबित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतें एक माह में निस्तारित करने के निर्देश, बुजुर्गों के लिए कलेक्ट्रेट में होगी निशुल्क स्वास्थ्य जांच
देहरादून, 10 अगस्त । गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समाधान दिवस में 145 से अधिक फरियादियों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें रखीं। आयुक्त ने अधिकांश मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया, जबकि शेष शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
समाधान दिवस में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों और मुख्यमंत्री घोषणाओं की भी समीक्षा की गई। 180 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतें सामने आने पर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए ऐसी सभी शिकायतों का एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से निस्तारण करने के निर्देश दिए। 36 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों को भी प्राथमिकता से निपटाने को कहा।
बुजुर्ग फरियादियों की कलेक्ट्रेट में होगी स्वास्थ्य जांच
समाधान दिवस में बड़ी संख्या में बुजुर्ग फरियादियों के पहुंचने पर आयुक्त ने कलेक्ट्रेट परिसर में ही निशुल्क स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को शिकायत के निस्तारण के लिए इंतजार करते समय स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिल सके, इसके लिए संबंधित विभाग आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें।
सड़क, सुरक्षा दीवार और आपदा मामलों में त्वरित कार्रवाई
कालसी विकासखंड में लंबे समय से स्वीकृत सड़कों का निर्माण शुरू न होने की शिकायत पर अधिकारियों को तत्काल निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए गए। बड़ासी ग्रांट में सौंग नदी का जलस्तर बढ़ने से क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार और आबादी की ओर पानी के बहाव की शिकायत पर प्रभागीय वनाधिकारी को मौके का निरीक्षण कर सुरक्षा दीवार के निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया।
बड़ासी ग्रांट में ग्राम समाज की भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत पर तहसीलदार को जांच कर अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए। अजबपुर कलां की बैंक कॉलोनी में बरसाती पानी घरों में घुसने की शिकायत पर लोक निर्माण विभाग को स्थायी समाधान के निर्देश दिए गए।
कालसी के डेगडा खंड में भारी बारिश से क्षतिग्रस्त पैदल पुलिया के मामले में आपदा मद से तत्काल आकलन प्रस्तुत करने को कहा गया। आराघर में बारिश से क्षतिग्रस्त मकान की मरम्मत के लिए अहेतुक सहायता नहीं मिलने की शिकायत पर तहसीलदार को मौका मुआयना कर एसडीआरएफ मानकों के अनुसार प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।
मार्ग अवरुद्ध करने और अतिक्रमण पर सख्ती
डांडा लखौंड के निवासियों ने सहस्रधारा रोड से डिफेंस कॉलोनी एन्क्लेव संपर्क मार्ग पर पिलर और लोहे के गाटर लगाकर रास्ता अवरुद्ध किए जाने की शिकायत की। इससे स्कूल बस, एंबुलेंस और अन्य वाहनों के आवागमन में परेशानी हो रही थी। आयुक्त ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को जांच कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
हरिपुर कलां में भवनों से निकलने वाले बरसाती पानी को सीवर लाइन से जोड़ने के कारण घरों में सीवर का पानी भरने की शिकायत पर नगर निगम को पूरे क्षेत्र में जांच अभियान चलाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया।
धोखाधड़ी और मुआवजे के मामलों में भी कार्रवाई
आईटी पार्क निवासी मनमोहन सकलानी ने मकान खरीदने के नाम पर 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत की। आयुक्त ने एसडीएम को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। 68 वर्षीय प्रेम सिंह बिष्ट ने दामाद पर मारपीट और धमकी देकर मकान से बेघर करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयुक्त ने एसपी सिटी को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
ऋषिकेश आईएसबीटी से चंद्रभागा पुल तक सड़क निर्माण के लिए वर्ष 2007 में अधिग्रहित भूमि और दुकानों का मुआवजा लंबित होने की शिकायत पर ओसी डीएलआरसी को मामले की आख्या उपलब्ध कराने को कहा गया। कावाखेड़ा से कांदोई भरम तक छह किलोमीटर मोटर मार्ग निर्माण की मांग पर लोक निर्माण विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कौलागढ़ में बारिश से नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्कूल के आवासीय परिसर की दीवार क्षतिग्रस्त होने के मामले में शिक्षा विभाग को प्रस्ताव उपलब्ध कराने तथा पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर लगाने के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायत पर विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
समाधान दिवस के अंत में आयुक्त आनंद स्वरूप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर की समस्याओं का निस्तारण जिला मुख्यालय तक पहुंचने से पहले ही सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अवैध अतिक्रमण, भूमि कब्जे और भू-माफिया के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।
इस दौरान जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, डीएफओ वैभव सिंह, अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा, स्मृता परमार, पुलिस अधीक्षक जगदीश पंत सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।









