राजस्व बढ़ाने के लिए एआई आधारित जांच और विभागों के डाटा इंटीग्रेशन पर जोर

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देहरादून, 10 अगस्त 2026। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राजस्व वृद्धि को लेकर सोमवार को सचिवालय में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने विभिन्न विभागों से लक्ष्य के सापेक्ष अर्जित राजस्व की जानकारी लेते हुए आय बढ़ाने के नए स्रोतों और नवाचारों पर चर्चा की।

मुख्य सचिव ने कहा कि एसजीएसटी में राजस्व बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने कर चोरी रोकने के लिए एआई आधारित जांच व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। इसके लिए अगले चार से पांच महीनों में एआई आधारित मैकेनिज्म तैयार करने को कहा। साथ ही कर संबंधी सभी विभागों के डाटा का इंटीग्रेशन करने पर जोर दिया।
उन्होंने परिवहन विभाग के एएनपीआर कैमरों का प्रभावी उपयोग करने तथा इन्हें खनन, वन और राज्य कर विभाग के साथ इंटीग्रेट करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में निबंधन एवं रजिस्ट्रेशन से संबंधित रिकॉर्ड के रखरखाव और प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण करने को भी कहा।
खनन से राजस्व बढ़ाने के लिए उन्होंने वन एवं गैर वन क्षेत्रों में नए खनन लॉट चिन्हित करने और इसमें जिला प्रशासन का सहयोग लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन निगम जिन खनन और प्रकाष्ठ लॉट पर कार्य नहीं कर पा रहा है, उन पर वन विभाग अपने स्तर से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे।
मुख्य सचिव ने प्रदेश में जड़ी-बूटी क्षेत्र की संभावनाओं का अध्ययन कर इससे होने वाली संभावित आय का आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्बन क्रेडिट और नए इको-टूरिज्म स्थलों के विकास को भी राजस्व के नए स्रोत के रूप में शामिल करने पर जोर दिया।उन्होंने जनसामान्य को प्रकाष्ठ की सुगम उपलब्धता के लिए ऑनलाइन व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। इसके लिए आईटीडीए से तकनीकी सहयोग लेने को कहा। बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव दिलीप जावलकर, बृजेश कुमार संत, रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव हिमांशु खुराना, अनुराधा पाल, मनमोहन मैनाली सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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