
देहरादून 23 जुलाई ।उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग की ओर से शुक्रवार को धर्मपुर डांडा स्थित आयोग कार्यालय में दो दिवसीय जनसुनवाई आयोजित की गई। आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार की अध्यक्षता में हुई सुनवाई में कुल 47 मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से 27 का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। शेष मामलों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग सहित विभिन्न जिलों से आए शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनी गईं। प्रमुख शिकायतों में पेयजल कनेक्शन, भूमि पर अवैध कब्जा, भूमि पैमाइश, छात्रवृत्ति भुगतान, उत्पीड़न, कृषि भूमि दाखिल-खारिज, आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा, भूमि पर कब्जा दिलाने, पदोन्नति, सेवा बहाली, जातिगत भेदभाव और मृतक आश्रित प्रमाणपत्र से जुड़े मामले शामिल रहे।
आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने कहा कि पीड़ितों को त्वरित और प्रभावी न्याय दिलाना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति समाज की समस्याओं के समाधान के लिए जिलों में बड़े स्तर पर जनसुनवाई शिविर लगाए जाएंगे, ताकि शिकायतों के निस्तारण के साथ पात्र लोगों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मिल सके।
उन्होंने अधिकारियों से नियमों के अनुरूप जिम्मेदारी से कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि समय पर समस्याओं का समाधान होने से लोगों को आयोग तक आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनसुनवाई में संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी से मामलों के निस्तारण में तेजी आती है।
कार्यक्रम में आयोग के सदस्य विशाल मुखिया, भागीरथी कुंजवाल, सुनीता देवी, सचिव कविता टम्टा, विधि सलाहकार राजू मेहर और तीरपन सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।








