मानसून से निपटने की पूरी तैयारी: 113 बाढ़ चौकियां स्थापित, 304 संवेदनशील स्थल चिन्हित

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देहरादून, 25 जून। प्रदेश के लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने मानसून सीजन को लेकर विभागीय अधिकारियों को पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान यात्रियों और स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सड़कों को शीघ्र खोलने के साथ-साथ वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था भी पहले से सुनिश्चित की जाए।

गुरुवार को यमुना कॉलोनी स्थित सिंचाई भवन सभागार में लोक निर्माण एवं सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा है कि मानसून के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए और आमजन को राहत मिले। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी पूरी सजगता के साथ कार्य करें ताकि मानसून का सीजन बिना किसी बड़े अवरोध के संपन्न हो सके।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सतपाल महाराज ने बताया कि राज्य के सभी जनपद मुख्यालयों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिए गए हैं। देहरादून में केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे संचालित किया जा रहा है, जहां से सभी जिलों में नदियों के जलस्तर और वर्षा की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि राज्य में 15 जून से पहले 113 बाढ़ चौकियां स्थापित की जा चुकी हैं तथा बाढ़ और जलभराव की दृष्टि से 304 संवेदनशील स्थलों को चिन्हित किया गया है। मानसून से पूर्व संवेदनशील नदी क्षेत्रों में चैनलाइजेशन के कार्य भी जिला प्रशासन के सहयोग से किए जा रहे हैं।
सिंचाई मंत्री ने कहा कि विभिन्न शहरों में जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए भौगोलिक सूचना प्रणाली आधारित वर्षा जल निकासी मास्टर ड्रेनेज योजना तैयार की गई है। हरिद्वार जिले के भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में ड्रेनेज कार्य पूरा कर लिया गया है। सिंचाई विभाग के अधीन जलाशयों और बांधों की लगातार निगरानी की जा रही है तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए बोल्डर, आरबीएम और रेत की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। जलाशयों पर वायरलेस स्टेशन भी संचालित किए जा रहे हैं।
लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी सड़क के बंद होने की संभावना हो तो उसकी सूचना यात्रियों को पहले ही उपलब्ध करा दी जाए, ताकि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर सकें। प्रदेश में सड़क रखरखाव कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने बताया कि पैचवर्क के लिए निर्धारित 3946 कार्यों के मुकाबले विभाग ने 3968 पैचवर्क पूरे कर लिए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य की 1199 ऐसी सड़कें चिन्हित की गई हैं जो प्रत्येक मानसून सीजन में प्रभावित होती हैं। इन सभी के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार रखने और मशीनरी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़कों को शीघ्र खोलने के लिए जेसीबी मशीनों की व्यापक तैनाती भी सुनिश्चित की गई है।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव विनीत कुमार एवं महावीर चौहान, सिंचाई विभाग की अपर सचिव गरिमा रौंकली, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता रमेश चंद्र शर्मा तथा सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता सुभाष कुमार पाण्डेय सहित दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। जनपद मुख्यालयों से विभागीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

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