
देहरादून, 25 जून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न जनपदों में सड़क निर्माण, सौंदर्यीकरण, आपदा राहत, सौर ऊर्जा परियोजनाओं तथा जनहित से जुड़ी विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगभग ₹42 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ की धारचूला विधानसभा के ग्राम सभा बौन में स्थित श्री हयांग गुरु देव एवं गैरेंग मंदिर के सौंदर्यीकरण और चारदीवारी निर्माण के लिए ₹85 लाख तथा सल्ट विधानसभा क्षेत्र में कुलान्टेश्वर महादेव मेला स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए ₹50.08 लाख की धनराशि स्वीकृत करने का अनुमोदन दिया।
हरिद्वार जिले की पिरान कलियर विधानसभा के मेवड़ नागड़ स्थित श्मशान घाट में बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए ₹16.49 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है।
देहरादून जिले में दैवीय आपदा से प्रभावित ग्राम मझाड़ा/कार्लीगाड़ के 14 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर किराये के भवन में रखने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹3.36 लाख की राशि स्वीकृत की गई है। यह सहायता छह माह तक प्रति परिवार प्रति माह ₹4,000 की दर से दी जाएगी।
उधम सिंह नगर जिले की किच्छा विधानसभा में नगला-लालपुर मोटर मार्ग से इंदरपुर (अंबेडकर कॉलोनी) तक सड़क के प्रीमिक्स कार्पेट द्वारा पुनर्निर्माण के लिए ₹85.49 लाख की मंजूरी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने शासकीय भवनों पर 5.5 मेगावाट क्षमता के ग्रिड संयोजित सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए ₹35.24 करोड़ स्वीकृत करते हुए प्रथम किश्त के रूप में ₹14.10 करोड़ जारी करने का अनुमोदन दिया। इसके अलावा विभिन्न जनपदों के सार्वजनिक स्थलों पर सौर स्ट्रीट लाइट एवं सौर हाईमास्ट संयंत्रों की स्थापना के लिए ₹38 करोड़ की स्वीकृति देते हुए प्रथम किश्त में ₹15.20 करोड़ तथा उरेडा के माध्यम से शासकीय भवनों में सौर जल तापक संयंत्रों की स्थापना के लिए ₹6.76 करोड़ स्वीकृत करते हुए प्रथम किश्त में ₹2.70 करोड़ जारी करने को मंजूरी दी गई।
पिथौरागढ़ जिले के धारचूला विकासखंड स्थित आदि कैलाश मंदिर में बाहरी मार्ग एवं अन्य सुविधाओं के निर्माण के लिए ₹3.28 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है।
इसके अतिरिक्त चम्पावत विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत टनकपुर एवं बनबसा के ग्रामीण क्षेत्रों में 10-10 किलोमीटर आंतरिक मार्गों के निर्माण के लिए ₹4.38 करोड़ की स्वीकृति भी मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान की गई है।मुख्यमंत्री की इन स्वीकृतियों से प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, धार्मिक स्थलों के विकास, आपदा प्रभावित परिवारों को राहत तथा सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।








