
देहरादून, 4 मई। पश्चिम बंगाल समेत तीन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने देहरादून स्थित पार्टी मुख्यालय में जोरदार जश्न मनाया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रंग-गुलाल के साथ होली और दिवाली एक साथ मनाते हुए जीत का उत्सव मनाया।
मुख्यमंत्री धामी ने इस जीत को “गंगोत्री से गंगासागर तक देश को भगवामय करने वाला” बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और पार्टी संगठन की रणनीति से यह ऐतिहासिक सफलता मिली है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि इस जीत को उत्तराखंड में भी 2029 के सेमीफाइनल और 2032 के फाइनल में दोहराया जाएगा।धामी ने कहा कि उन्हें चुनाव प्रचार के दौरान पश्चिम बंगाल के संदेशखाली सहित विभिन्न क्षेत्रों में जाने का अवसर मिला और यह जीत मां काली के आशीर्वाद तथा कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि “डबल इंजन सरकार” आज विकास, सुशासन और जनकल्याण का प्रतीक बन चुकी है।
जश्न के दौरान बंगाल की प्रवासी महिलाओं ने पारंपरिक धुनुची नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को उत्सवमय बना दिया। साथ ही कार्यकर्ताओं ने बंगाल की प्रसिद्ध झालमुड़ी का स्वाद भी लिया।प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने इस जीत को ऐतिहासिक बताते हुए विशेष रूप से पश्चिम बंगाल की सफलता को श्यामा प्रसाद मुखर्जी को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह जीत उन कार्यकर्ताओं के बलिदान का परिणाम है, जिन्होंने वर्षों तक संघर्ष किया।भट्ट ने कहा कि इन चुनावों ने तुष्टिकरण की राजनीति के खिलाफ जनमत को स्पष्ट किया है और देशभर में वामपंथ के प्रभाव में कमी आई है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड में भी पार्टी लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना की। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रसिद्ध कथन “अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा और कमल खिलेगा” को याद करते हुए कहा कि आज देश के कोने-कोने में कमल खिल रहा है।
जश्न में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री खजान दास, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि इस जीत का उत्सव प्रदेशभर में अगले तीन दिनों तक मनाया जाएगा, जिसमें गांव-गांव तक पहुंचकर जनता के साथ खुशी साझा की जाएगी।







