
देहरादून 13 मार्च। जन संघर्ष मोर्चा ने प्रदेश में लगातार बंद हो रहे सरकारी प्राइमरी स्कूलों को लेकर सरकार और शिक्षा विभाग पर तीखा हमला बोला है। मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि राज्य में पिछले पांच वर्षों में 826 प्राइमरी स्कूलों पर ताले लग चुके हैं, जबकि सैकड़ों स्कूल बंद होने की कगार पर हैं। उन्होंने इसके लिए शिक्षा मंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की ।
पत्रकार वार्ता में नेगी ने कहा कि शिक्षा मंत्री की अदूरदर्शिता और लापरवाही के कारण गरीब परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है। सरकारी स्कूल बंद होने से अभिभावकों को मजबूरी में अपने बच्चों का दाखिला निजी विद्यालयों में कराना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावक कर्ज और उधारी लेकर बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने के लिए मजबूर हैं। ऐसे में सरकार को यह बताना चाहिए कि इन गरीब परिवारों की चिंता कौन करेगा।
नेगी ने सवाल उठाया कि आखिर किन कारणों से सरकारी विद्यालय लगातार बंद हो रहे हैं। क्या इस संबंध में कभी विभागीय स्तर पर कोई कार्यशाला आयोजित की गई या आम जनता और अभिभावकों से संवाद स्थापित किया गया? उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि सरकारी स्कूलों से अभिभावक दूरी क्यों बना रहे हैं।
उन्होंने आशंका जताई कि कहीं निजी स्कूलों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी विद्यालयों को कमजोर करने की साजिश तो नहीं की जा रही। नेगी ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री के पास मौजूद विभिन्न विभागों में भी जनता को अपेक्षित न्याय नहीं मिल पा रहा है।
जन संघर्ष मोर्चा ने सरकार और राजभवन से मांग की है कि हर मोर्चे पर विफल साबित हो चुके मंत्री को पद से हटाकर जवाबदेही तय की जाए।
पत्रकार वार्ता में विजय राम शर्मा और दिलबाग सिंह भी मौजूद रहे।
Author: Day Night Khabar
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