वीर बाल दिवस पर साहस और त्याग को किया गया नमन, उत्कृष्ट बच्चों को किया गया सम्मानित

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देहरादून 24 दिसंबर।वीर बाल दिवस के अवसर पर उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बुधवार को अनुसंधान विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान (आईआरडीटी) ऑडिटोरियम, सर्वे चौक देहरादून में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के चारों वीर साहिबजादों—साहिबजादा अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह—के अद्वितीय बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में साहस, नैतिक मूल्यों, आत्मसम्मान तथा अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने आशीर्वचन संदेश के माध्यम से वीर बाल दिवस को महान वीर बालकों के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अनुपम बलिदान का प्रतीक बताया। इस अवसर पर हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के विद्यार्थियों द्वारा गुरुबाणी कीर्तन की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई तथा सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वर में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का गायन किया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों का साहस, त्याग और धर्म के प्रति अटूट निष्ठा आज भी बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि नन्हें साहिबजादों ने अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध खड़े होकर मानवता, धर्म और मूल्यों की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया, जो भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा साहिबजादों की शहादत को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने के निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया और बच्चों को देश का उज्ज्वल भविष्य बताते हुए आत्मविश्वास व मूल्यों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आठ बच्चों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग प्रतियोगिता में वैष्णवी सिंह, यमायर तोमर और योहाना तोमर को सम्मानित किया गया। वहीं राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में सूरज देव वर्मा, सारलोंग हानसे, योगा में अंकित पटेल, टेबल टेनिस में दनिराज त्रिपुरा तथा निबंध प्रतियोगिता में हेम्फू सारमोन एंग्थी को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने बच्चों को बाल अधिकारों, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी दी और सुरक्षित व समावेशी समाज बनाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने संकटग्रस्त बच्चों की सहायता के लिए 24 घंटे उपलब्ध 1098 टोल-फ्री आपातकालीन सेवा की जानकारी भी दी।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बच्चों के अधिकारों, कर्तव्यों और नैतिक मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों को सुरक्षित, शिक्षित और सशक्त बनाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के अंत में आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में हेमकुंड मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, आयोग के पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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