देहरादून 24 दिसंबर ।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन निर्णयों से पर्यावरण संरक्षण, उद्योग, कृषि, संस्कृति, स्वास्थ्य सेवाओं तथा सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों को व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने राज्य में पीएनजी एवं सीएनजी पर लगाए जा रहे वैट को 20 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का निर्णय लिया। सरकार का मानना है कि इससे हरित और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा तथा प्रदूषण-मुक्त औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही कर संवर्द्धन की भी संभावनाएं बढ़ेंगी।
मंत्रिमंडल ने उत्तरकाशी जनपद के धराली एवं आसपास के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के सेब किसानों के लिए मुख्यमंत्री की घोषणा को अनुमोदन प्रदान किया। इसके तहत उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा रॉयल डिलीशियस सेब का उपार्जन 51 रुपये प्रति किलोग्राम तथा रेड डिलीशियस एवं अन्य सेब का उपार्जन 45 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से किया जाएगा। यह व्यवस्था ग्रेड-सी सेब को छोड़कर लागू होगी और इसके लिए धनराशि घोषणा मद से स्वीकृत की जाएगी।
कैबिनेट ने प्रदेश के वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को बड़ी राहत देते हुए उनकी मासिक पेंशन 3000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये करने का निर्णय लिया। इसके लिए उत्तराखण्ड वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों तथा लेखकों को मासिक पेंशन (संशोधन) नियमावली, 2025 के प्रख्यापन को मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए यह कदम आवश्यक था।
Ease of Doing Business के तहत भवन मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाते हुए न्यून जोखिम वाले भवनों, जैसे एकल आवासीय भवन और छोटे व्यावसायिक भवनों, के लिए इंपैनल्ड आर्किटेक्ट द्वारा स्वप्रमाणन की व्यवस्था को कैबिनेट ने अनुमोदित किया। इसके अंतर्गत निर्माणकर्ता द्वारा सभी आवश्यक प्रपत्र और शुल्क के साथ सक्षम प्राधिकारी को सूचना प्रस्तुत की जाएगी।
औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से कैबिनेट ने उत्तराखण्ड सामान्य औद्योगिक विकास नियंत्रण (संशोधन) विनियमावली, 2025 को स्वीकृति दी। इसके तहत एमएसएमई और औद्योगिक इकाइयों के लिए ग्राउंड कवरेज बढ़ाया गया है, जिससे अनुपालन बोझ कम होगा और व्यापार सुगमता को बल मिलेगा।
मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड बांस एवं रेशा विकास परिषद के संगठनात्मक ढांचे के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी। परिषद की परियोजनाओं को समयबद्ध और अधिक व्यावसायिक व तकनीकी दक्षता के साथ लागू करने के लिए 13 पदों के संशोधित ढांचे को स्वीकृत किया गया है।
सिंचाई एवं लोक निर्माण विभाग के वर्कचार्ज कार्मिकों को बड़ी राहत देते हुए उनकी वर्कचार्ज सेवा अवधि को पेंशन के लिए गणनीय करने का निर्णय लिया गया। वहीं राज्य में आयुष्मान और अटल आयुष्मान योजना को 100 प्रतिशत इंश्योरेंस मोड में तथा गोल्डन कार्ड को हाइब्रिड मोड में संचालित किए जाने पर भी कैबिनेट ने सहमति दी। हाइब्रिड मोड में 5 लाख रुपये तक के क्लेम इंश्योरेंस मोड में और 5 लाख रुपये से अधिक के क्लेम ट्रस्ट मोड में निस्तारित किए जाएंगे। इसके साथ ही गोल्डन कार्ड योजना का लगभग 125 करोड़ रुपये का बकाया राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
कैबिनेट ने उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा (संशोधन) नियमावली, 2025 को भी मंजूरी दी, जिसके तहत प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति की अधिकतम आयु 50 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी गई है। साथ ही सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के लिए नए विभागों के गठन और स्वामी राम कैंसर संस्थान, हल्द्वानी के लिए चार नए पदों के सृजन का निर्णय लिया गया।
राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में संविदा, दैनिक वेतन, नियत वेतन एवं प्रबंधन समिति के माध्यम से कार्यरत कुल 277 कार्मिकों को समान कार्य–समान वेतन दिए जाने के प्रकरण को कैबिनेट ने मंत्रिमंडल की उपसमिति को भेज दिया है।
पर्वतीय, दुर्गम एवं अति दुर्गम क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पीएमएचएस संवर्ग के अंतर्गत कार्यरत विशेषज्ञ चिकित्सकों को 50 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता देने का निर्णय लिया गया है। यह भत्ता केवल पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में क्लीनिकल कार्य करने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों को देय होगा तथा इसे पेंशनरी लाभों की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार देहरादून के परेड ग्राउंड स्थित प्रेस क्लब के लिए भूमि को सूचना विभाग को हस्तांतरित किया जाएगा। नजूल भूमि पर स्थित होने के कारण नक्शा स्वीकृति में आ रही दिक्कतों को देखते हुए भूमि हस्तांतरण के बाद सूचना विभाग द्वारा प्रेस क्लब का नया भवन निर्मित किया जाएगा।





