नई दिल्ली 9 दिसंबर।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट कर उत्तराखण्ड की कृषि व्यवस्था, ग्रामीण विकास, तथा हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त अवसंरचना के पुनर्निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक का सबसे बड़ा परिणाम यह रहा कि राज्य की 184 ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए 1700 करोड़ रुपये की बड़ी स्वीकृति केंद्र सरकार द्वारा प्रदान कर दी गई है। इन सड़कों की कुल लंबाई 1228 किलोमीटर होगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन और कनेक्टिविटी को बड़ी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि हाल की प्राकृतिक आपदा ने राज्य की सड़कों और पुलों को गंभीर क्षति पहुँचाई है। 946 सड़कें और 15 पुल बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जिनके पुनर्निर्माण के लिए लगभग 650 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों वाले पर्वतीय राज्य के लिए यह चुनौती अत्यधिक कठिन है, इसलिए केंद्र से विशेष सहयोग अपेक्षित है। साथ ही मुख्यमंत्री ने 5900 क्षतिग्रस्त घरों की मरम्मत हेतु आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया।
कृषि क्षेत्र की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखण्ड के 90 प्रतिशत किसान लघु और सीमांत श्रेणी के हैं तथा फसलों को जंगली जानवरों से होने वाली क्षति गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY-DPR) के तहत घेराबंदी कार्यों को शामिल करने पर केंद्र सरकार का धन्यवाद देते हुए आगामी पाँच वर्षों तक प्रतिवर्ष 200 करोड़ रुपये का विशेष बजट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इस पर केंद्रीय मंत्री ने शीघ्र अग्रिम धनराशि जारी कराने का आश्वासन दिया, जिससे घेराबंदी का कार्य व्यापक स्तर पर शुरू हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने पीएम–आरकेवीवाई योजना में स्वच्छता एक्शन प्लान तथा नमामि गंगे क्लीन अभियान के अंतर्गत वर्ष 2025–26 के लिए स्वीकृत 98 करोड़ रुपये शीघ्र जारी करने का भी अनुरोध किया।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य की आवश्यकताओं को प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा और केंद्र सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।
बैठक में सांसद महेन्द्र भट्ट, कृषि एवं किसान कल्याण सचिव देवेश चतुर्वेदी, पीएमजीएसवाई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आलोक कुमार पाण्डेय, तथा उत्तराखण्ड के स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।







