देहरादून 30 नवम्बर।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने गोरखपुर के श्रीकृष्ण पांडेय को प्रोफेसर यशवंत राव केलकर युवा पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि पांडेय द्वारा बाल भिक्षावृत्ति निर्मूलन, निस्सहाय मनोरोगियों की सेवा और कारागार बंदियों के पुनर्वास जैसे क्षेत्रों में किया गया कार्य सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरक उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने देशभर से आए ABVP पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि छात्र जीवन में वे स्वयं भी विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता रहे हैं। परिषद में सक्रिय रहते हुए मिले अनुभवों ने उन्हें नेतृत्व, संगठन और समाज सेवा की दिशा में मजबूत आधार दिया। उन्होंने कहा कि “यह राष्ट्रीय अधिवेशन कोई साधारण आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माण के पवित्र यज्ञ के प्रति समर्पित ऊर्जावान युवाओं का महासंगम है।”
धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि इस मंच से निकलने वाले विचार और संकल्प राष्ट्र के विकास में नई दिशा देंगे। उन्होंने कहा कि 1949 में स्थापना के बाद से ABVP ने पिछले 77 वर्षों में राष्ट्र निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाया है और सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और वैचारिक क्षेत्रों में परिवर्तन का नेतृत्व किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। “युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा और मार्गदर्शन मिले तो भारत पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, फिट इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नए अवसर मिल रहे हैं,” उन्होंने कहा।
कार्यक्रम में केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, ABVP के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी, महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।






