‘कश्मीर से कन्याकुमारी, भारत माता एक हमारी’ से गूँजा देहरादून; शोभायात्रा बनी राष्ट्रीय एकता व सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक
भारतीय ज्ञानपरंपरा पर केंद्रित सत्रों में मूल्य आधारित शिक्षा की दिशा पर विस्तृत विमर्श
देहरादून।देवभूमि उत्तराखण्ड में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन देहरादून की सड़कों पर विविधता, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। परेड ग्राउंड में बसाए गए ‘भगवान बिरसा मुंडा नगर’ से दर्शनलाल चौक तक आयोजित 4.5 किमी लंबी विशाल शोभायात्रा में देश के सभी राज्यों से आए 1500 से अधिक युवाओं ने भाग लिया। शोभायात्रा में प्रस्तुत हुआ लघु भारत का मनोहारी स्वरूप देखते ही बनता था।
देहरादूनवासियों ने मार्ग के विभिन्न स्थानों पर ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के साथ शोभायात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। विविध भाषा, विविध वेशभूषा और विविध संस्कृति के प्रदर्शन के बीच ‘कश्मीर से कन्याकुमारी, भारत माता एक हमारी’ के नारों ने देवभूमि की हवा में एकात्मता और राष्ट्रीय गर्व का संदेश भर दिया।
दिन की शुरुआत “शिक्षा की भारतीय संकल्पना: वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य एवं हमारी भूमिका” विषय पर आयोजित भाषण सत्र से हुई। इसमें अभाविप के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) राजशरण शाही ने भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित मूल्यात्मक शिक्षा, स्वदेशी दृष्टिकोण और संतुलित विकास के विषयों पर मार्गदर्शन दिया। इसके बाद पाँच समानांतर सत्रों में वैश्विक जेन जेड आंदोलन एवं भारतीय युवा, एआई चैट जीपीटी एवं शिक्षा, बांग्लादेशी घुसपैठ एवं एसआईआर समसामयिक, जनसंख्या असंतुलन एवं विकसित भारत का लक्ष्य तथा ऑपरेशन सिंदूर एवं बदलता सुरक्षा परिदृश्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
शोभायात्रा ने भारत की ‘एकता में विविधता’ की भावना को भव्य रूप में अभिव्यक्त किया। देश के विभिन्न शैक्षिक परिसरों से आए विद्यार्थियों ने अपनी सांस्कृतिक झाँकियों, पारंपरिक परिधानों एवं लोक-कलाओं से राष्ट्रीय विरासत का जीवंत चित्रण प्रस्तुत किया। शोभायात्रा परेड ग्राउंड से शुरू होकर सर्वे चौक, भेल चौक, एश्ले हॉल, घंटाघर होते हुए दर्शनलाल चौक में संपन्न हुई, जहाँ खुला अधिवेशन आयोजित किया गया।
खुले अधिवेशन में अभाविप राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में विभिन्न क्षेत्रों से आए छात्र नेताओं ने बांग्लादेशी घुसपैठ, शैक्षणिक चुनौतियाँ, छात्रवृत्ति मुद्दे, युवाओं की भूमिका, ऑपरेशन सिंदूर एवं राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर विचार व्यक्त किए।
अधिवेशन में अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) रघुराज किशोर तिवारी, राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री आशीष चौहान, उत्तराखण्ड प्रांत अध्यक्ष प्रो. जे.पी. भट्ट तथा प्रांत मंत्री ऋषभ रावत सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समागम तथा युवा शक्ति के इस महोत्सव ने देवभूमि देहरादून को देश की विविधता और एकात्मता का उत्कृष्ट प्रतीक बना दिया।







