1456 युवाओं को मुख्यमंत्री धामी ने सौंपी नई जिम्मेदारी, बोले—पारदर्शिता और मेरिट के बल पर मिल रही नौकरियां

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देहरादून, 14 अक्तूबर ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून मेडिकल कॉलेज पटेलनगर में आयोजित समारोह में 1456 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें लोक सेवा आयोग से चयनित 109 समीक्षा एवं सहायक समीक्षा अधिकारी तथा उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1347 सहायक अध्यापक (एल.टी.) शामिल हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सिर्फ नियुक्ति नहीं, बल्कि राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। उन्होंने कहा कि चयनित युवा अपने दायित्वों का निर्वहन निष्ठा, पारदर्शिता और समर्पण के साथ करें और अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय को शासन व्यवस्था का मस्तिष्क कहा जा सकता है, जहाँ से राज्य की नीतियां और विकास योजनाओं का खाका तैयार होता है। उन्होंने समीक्षा अधिकारियों को इस व्यवस्था का अहम हिस्सा बताया। साथ ही शिक्षकों से कहा कि वे बच्चों को सिर्फ शिक्षा ही नहीं, बल्कि समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी दें, ताकि वे अच्छे नागरिक बन सकें।

धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विद्यालयों के इन्फ्रास्ट्रक्चर से लेकर डिजिटलाइजेशन तक हर स्तर पर सुधार किए जा रहे हैं। भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कई सख्त कदम उठाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार सालों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। यह संख्या पूर्ववर्ती सरकारों की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि आज राज्य में मेरिट के आधार पर नौकरियां दी जा रही हैं। हाल ही में हरिद्वार के एक परीक्षा केंद्र में नकल का मामला सामने आने पर सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया, एसआईटी गठित की और युवाओं की मांग पर सीबीआई जांच की संस्तुति व पेपर निरस्त करने का निर्णय लिया।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षा विभाग में नियुक्तियों का सिलसिला जारी रहेगा। जल्द ही बीआरपी, सीआरपी, बेसिक अध्यापक और चतुर्थ श्रेणी पदों पर भी नियुक्तियां की जाएंगी। उन्होंने कहा कि नए शिक्षकों को दुर्गम क्षेत्रों में सेवा देना अनिवार्य होगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता हर कोने तक पहुंचे।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक विनोद चमोली, सचिव रविनाथ रमन, दीपेन्द्र चौधरी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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