मुख्यमंत्री ने किरोड़ा नाले से बचाव के लिए जिलाधिकारी को दिए विशेष निर्देश, ताकि आमजन को ना हो किसी भी प्रकार की असुविधा

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चम्पावत 17 मई ।
माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी द्वारा कैंप कार्यालय टनकपुर भ्रमण के दौरान आयोजित प्रबुद्ध जनों के सम्मेलन एवं भेंट वार्ता में जनपद चंपावत में संभावित आपदा एवं बाढ़ से बचाव हेतु चल रहे कार्यों की गहन समीक्षा की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी चंपावत एवं वन विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित एवं संभावित क्षेत्रों में सभी सुरक्षात्मक कार्यों को मानसून पूर्व शीघ्रता से पूर्ण किया जाए, ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
थ्वालखेड़ा, छिनीगोठ, उचौलीगोठ, गैंडाखाली, चन्दनी, हेलागोठ, आनंदपुर, बमनपुरी, देवीपुरा, पचपखरिया,/जगपुड़ा पुल, बेलखेत, अमोडी, बकोड़ा, और बस्तिया (किरोड़ा नाला) आदि ग्राम पंचायतों में बाढ़ सुरक्षा कार्य प्रस्तावित हैं। यह कार्य तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी, हल्द्वानी वन प्रभाग एवं चंपावत वन प्रभाग द्वारा संपादित किए जाने हैं तथा गोचर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यकता वाले मार्गों में आर.बी.एम भरान किए जाने हेतु निर्देशित किया।
मुख्यमंत्री ने डीएफओ हल्द्वानी वन प्रभाग को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किरोड़ा नाले से संभावित कटाव एवं बाढ़ की स्थिति से बचाव हेतु बरसात से पूर्व नाले का समुचित चैनेलाइजेशन कार्य प्रारंभ किया जाए। मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन से वार्ता कर बाढ़ सुरक्षा कार्यों हेतु तत्काल धनराशि आवंटित करने के निर्देश दिए, जिसके क्रम में Non-SDRF मद से जनपद चंपावत को ₹1.5 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय टनकपुर के नोडल अधिकारी केदार सिंह बृजवाल ने बताया कि समस्त विकास कार्यों की कैंप कार्यालय द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में जिलाधिकारी चंपावत नवनीत पाण्डेय , डीएफओ तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी हिमांशु बागरी, डीएफओ हल्द्वानी कुंदन कुमार, एवं डीएफओ चंपावत नवीन पंत उपस्थित रहे।

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