
देहरादून 5 अक्टूबर। आध्यात्मिक श्रमणी परम पूज्य वात्सल्यमयी आर्यिका रत्न श्री 105 पूर्णमति माताजी के परम सानिध्य में आयोजित वीपीएल आध्यात्मिक क्रिकेट महामहोत्सव के तीसरे दिन दिल्ली और विकासनगर के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ। जैन भवन स्थित विद्यापूर्ण लीग स्टेडियम में खेले गए मैच में दिल्ली की टीम ने विकासनगर को 34 रन से हराकर जीत दर्ज की।
सकल दिगंबर जैन समाज एवं श्री विद्या समय पूर्ण वर्षायोग समिति की ओर से पुण्यार्जक श्रीमती तारिका पाटनी के सहयोग से आयोजित प्रतियोगिता के फाइनल राउंड में दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 184 रन का लक्ष्य रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी विकासनगर की टीम निर्धारित स्कोर तक नहीं पहुंच सकी और दिल्ली ने 34 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया। खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में समाज के लोग और श्रद्धालु स्टेडियम में मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह सात बजे नित्य नियम पूजन और मंदिर में शांतिधारा के साथ हुआ। इस दौरान आचार्य श्री के अर्घ्य बालिका मंडल और वीर विद्या युवा मंडल की ओर से श्रीजी के चरणों में समर्पित किए गए।
पूज्य पूर्णमति माताजी ने मंगल प्रवचन में कहा कि विद्यापूर्ण लीग में जीत केवल मैदान की विजय नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुशासन, निरंतर अभ्यास, धैर्य और टीम भावना की भी जीत है। उन्होंने कहा कि विद्या का अर्थ केवल पुस्तकीय ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विवेक और कौशल का सही उपयोग करना है।
उन्होंने खिलाड़ियों को अनुशासन एवं निरंतरता, धैर्य एवं संयम तथा सामूहिकता की शक्ति का संदेश दिया। माताजी ने कहा कि संकट के समय संयम बनाए रखने और सही अवसर की प्रतीक्षा करने वाला व्यक्ति ही वास्तविक विजेता बनता है। कोई भी व्यक्ति अकेले पूरी लीग नहीं जीत सकता। जब ‘मैं’ की भावना समाप्त होकर ‘हम’ की भावना जागृत होती है, तभी सच्ची विजय मिलती है।
उन्होंने कहा कि खेल में हार-जीत से बड़ी उपलब्धि बेहतर इंसान बनने का अनुभव है। पराजित टीमों को निराश होने के बजाय हार को अगली जीत की तैयारी का पहला कदम मानना चाहिए। उन्होंने विजेता टीम के खिलाड़ियों, मार्गदर्शकों और आयोजन को सफल बनाने वाले सहयोगियों को बधाई दी।
मीडिया समन्वयक मधु जैन ने बताया कि मंगलवार सुबह सात बजे महिला मंडल झंडा मंदिर की ओर से श्रीजी को अर्घ्य समर्पित किए जाएंगे। प्रतिदिन शाम को होने वाली आरती में आध्यात्मिक भजनों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।
इस अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज के पदाधिकारी, श्री विद्या समय पूर्ण वर्षायोग समिति के सदस्य, जैन भवन कार्यकारिणी के पदाधिकारी एवं सदस्य, विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी और बाहर से आए श्रद्धालु मौजूद रहे।








