विषय अनिवार्यता पूरी नहीं करने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश देने पर भविष्य में पंजीकरण में आ सकती है दिक्कत

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

देहरादून 1 अक्उटूबर।उत्तराखंड में फार्मेसी पाठ्यक्रम संचालित करने वाले शिक्षण संस्थानों को प्रवेश के दौरान अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता और इंटरमीडिएट की अंकतालिका की अनिवार्य रूप से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तराखंड राज्य में वर्तमान में 96 कॉलेजों, 24 विश्वविद्यालयों और 21 पॉलीटेक्निक संस्थानों में फार्मेसी से संबंधित पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

फार्मेसी एक्ट, 1948 के तहत बनाए गए एजुकेशन रेगुलेशन-2020 के अनुसार फार्मेसी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए इंटरमीडिएट में विज्ञान वर्ग से भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान तथा गणित या जीव विज्ञान विषयों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है। बी.फार्म पाठ्यक्रम में विज्ञान वर्ग के साथ अंग्रेजी विषय भी अनिवार्य है।

फार्मेसी काउंसिल के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें कुछ शिक्षण संस्थानों ने निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं करने वाले अभ्यर्थियों को फार्मेसी पाठ्यक्रमों में प्रवेश दे दिया। अभ्यर्थी दो वर्षीय डी.फार्मा या चार वर्षीय बी.फार्मा पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद जब फार्मेसी काउंसिल में पंजीकरण के लिए पहुंचते हैं, तब उनकी शैक्षणिक पात्रता में कमी सामने आती है। ऐसी स्थिति में उनका फार्मासिस्ट के रूप में पंजीकरण नहीं हो पाता।

इससे अभ्यर्थियों का समय और धन दोनों प्रभावित होते हैं तथा पंजीकरण को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है। कई मामलों में अभ्यर्थियों की ओर से उच्च न्यायालय में वाद भी दायर किए गए हैं। काउंसिल का कहना है कि ऐसे मामलों के कारण उसे भी अनावश्यक जनआक्रोश का सामना करना पड़ता है।

काउंसिल ने बताया कि इस संबंध में राज्य के सभी फार्मेसी शिक्षण संस्थानों को पहले भी लिखित रूप से निर्देश दिए जा चुके हैं कि प्रवेश के समय अभ्यर्थियों की इंटरमीडिएट की अंकतालिका और निर्धारित विषयों की अनिवार्यता की भली-भांति जांच करने के बाद ही प्रवेश दिया जाए। पिछले वर्ष समाचार पत्रों के माध्यम से भी संस्थानों को इस संबंध में अवगत कराया गया था।

काउंसिल ने वर्ष 2026 में फार्मेसी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों के मामले में संस्थानों को पुनः सावधानी बरतने की अपील की है। संस्थानों से कहा गया है कि प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की इंटरमीडिएट की अंकतालिका और निर्धारित शैक्षणिक योग्यता की पूरी तरह जांच कर लें, ताकि भविष्य में पंजीकरण के समय विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो और अभ्यर्थियों का समय, धन तथा भविष्य प्रभावित होने से बचाया जा सके।

Leave a Comment

और पढ़ें