यूजीसी एक्ट वापस ले सरकार

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हरिद्वार, 25 अगस्त। आदर्श चौहान मंच हरिद्वार की ज्वालापुर स्थित कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष डॉ. केपीएस चौहान ने की। बैठक में केंद्र सरकार के कथित यूजीसी एक्ट-2026 को लेकर रोष जताया गया और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की गई।

बैठक में यूजीसी एक्ट के विरोध में 21 अगस्त से दिल्ली के जंतर-मंतर पर सवर्ण समाज के छात्र-छात्राओं द्वारा किए जा रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का भी विरोध किया गया। मंच की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज को लेकर नाराजगी व्यक्त की गई।
डॉ. केपीएस चौहान ने कहा कि सरकार को यूजीसी एक्ट-2026 को तत्काल वापस लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून के माध्यम से सवर्ण समाज के छात्र-छात्राओं के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज किसी भी प्रकार का उत्पीड़न स्वीकार नहीं करेगा और अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाता रहेगा।

‘सवर्ण समाज के नेता अपने समाज के पक्ष में आवाज उठाएं’

डॉ. चौहान ने कहा कि सवर्ण समाज से जुड़े नेता, विधायक और मंत्री चाहे किसी भी राजनीतिक दल से संबंधित हों, उन्हें अपने समाज के मुद्दों पर मुखर होकर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह अन्य समाजों के नेता अपने समाज और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठाते हैं, उसी तरह सवर्ण समाज के जनप्रतिनिधियों को भी अपने समाज के हितों की पैरवी करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि नागरिकों और कार्यकर्ताओं द्वारा सरकार या संगठन से सवाल करना लोकतंत्र में विद्रोह नहीं है। संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने और सरकार की कमियों अथवा कथित ज्यादतियों को उजागर करने का अधिकार देता है।

एससी/एसटी एक्ट में सुधार की मांग

मंच अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से यूजीसी एक्ट वापस लेने के साथ ही एससी/एसटी एक्ट में सुधार करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि कानूनों का इस्तेमाल किसी भी वर्ग के उत्पीड़न के लिए नहीं होना चाहिए और सभी नागरिकों के साथ समानता का व्यवहार किया जाना चाहिए।

डॉ. चौहान ने कहा कि सवर्ण समाज किसी राजनीतिक दल का पिछलग्गू नहीं है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में समाज अपने राजनीतिक विकल्प पर विचार करेगा और जरूरत पड़ने पर नोटा का विकल्प भी अपनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका राजनीतिक प्रभाव संबंधित दलों को भुगतना पड़ सकता है।

बैठक में दीपक चौहान, सुबोध कुमार चौहान, विक्रम चौहान, अशोक कुमार, संजय कुमार, कुलदीप कुमार, प्रशांत कुमार चौहान, सत्यवीर चौहान, विजय लक्ष्मी, हीना, रीचा राजपूत, सुषमा चौहान, बृजभूषण कुमार, मुकेश चौहान, सुभाष चंद्र चौहान, विनीत चौहान और सतीश चौहान समेत अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।

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