देवभूमि उद्यमिता योजना से मिला मार्गदर्शन

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देहरादून। पिथौरागढ़ के युवा उद्यमी और एलएसएम राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के बीबीए छात्र कार्तिक पांडेय ने देवभूमि उद्यमिता योजना (DUY) के माध्यम से अपने विचार को सफल स्टार्टअप में बदलकर युवाओं के लिए मिसाल पेश की है। कार्तिक ने ‘नमस्ते सारथी’ नाम से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जिसके माध्यम से पर्यटकों को होटल, परिवहन और स्थानीय गाइड की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं।

मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले कार्तिक के पिता लंबे समय से टैक्सी चलाते हैं। बचपन से पिता के साथ यात्राओं पर जाने के दौरान कार्तिक ने देखा कि पिथौरागढ़ और चम्पावत आने वाले पर्यटकों को विश्वसनीय टैक्सी, होटल और स्थानीय गाइड खोजने में परेशानी होती है। जानकारी के अभाव और बिचौलियों के कारण पर्यटकों को कई बार अधिक कीमत चुकानी पड़ती थी।

इसी समस्या के समाधान की तलाश कर रहे कार्तिक को वर्ष 2025 में अपने महाविद्यालय में भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान, अहमदाबाद (EDII Ahmedabad) की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर संचालित देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत आयोजित उद्यमिता बूटकैंप में शामिल होने का अवसर मिला। बूटकैंप में उन्होंने बिजनेस मॉडल तैयार करने, डिजिटल प्लेटफॉर्म और वेबसाइट के उपयोग, ग्राहकों तक पहुंच बनाने तथा स्टार्टअप को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने की बारीकियां सीखीं।

प्रशिक्षण के बाद कार्तिक ने अपने विचार को ‘नमस्ते सारथी’ के रूप में आकार दिया। प्लेटफॉर्म के जरिए पर्यटक होटल, परिवहन और स्थानीय गाइड की सेवाएं बुक कर सकते हैं। इसका उद्देश्य पारदर्शी कीमत, विश्वसनीय सेवाएं और सुविधाजनक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है।

शुरुआती दौर में व्यवसाय की पहुंच सीमित रहने पर कार्तिक ने देवभूमि उद्यमिता योजना के विशेषज्ञों से दोबारा मार्गदर्शन लिया। डिजिटल मार्केटिंग, ब्रांडिंग और ग्राहक तक पहुंचने की रणनीतियों पर मिले प्रशिक्षण से उनके स्टार्टअप को नई दिशा मिली। एलएसएम महाविद्यालय की डॉ. रुचिता पंघरिया, जो देवभूमि उद्यमिता योजना की नोडल अधिकारी भी हैं, ने भी लगातार मार्गदर्शन और ब्रेनस्टॉर्मिंग के माध्यम से कार्तिक को आगे बढ़ने में सहयोग दिया।

आज ‘नमस्ते सारथी’ कुमाऊं क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा है। प्लेटफॉर्म से पर्यटकों को उचित दरों पर सुविधाएं मिल रही हैं, वहीं स्थानीय सेवा प्रदाताओं को सीधे ग्राहकों से जुड़ने का अवसर भी मिल रहा है। वर्तमान में इसके नेटवर्क से 15 बसें जुड़ चुकी हैं और सेवा क्षेत्र का विस्तार लगातार जारी है।

कार्तिक ने वर्ष 2026 में भी देवभूमि उद्यमिता योजना के रेजिडेंशियल बूटकैंप में हिस्सा लिया। उनका मानना है कि उद्यमिता में सफलता किसी एक उपलब्धि पर नहीं रुकती, बल्कि लगातार सीखने और खुद को बेहतर बनाने की प्रक्रिया है। उनका कहना है, “Namaste Saarthi लगातार बड़ा बनता रहेगा, जब तक मैं सीखता रहूंगा।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्तिक की सफलता को देवभूमि उद्यमिता योजना की उपलब्धि बताते हुए कहा कि योजना का उद्देश्य केवल नए उद्यम स्थापित करना नहीं, बल्कि युवाओं के नवाचार और स्थानीय समस्याओं के समाधान को सफल व्यवसाय में बदलने के लिए उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि कार्तिक का ‘नमस्ते सारथी’ स्टार्टअप पर्यटन क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकता का समाधान प्रस्तुत करने का उत्कृष्ट उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के युवा अपनी प्रतिभा, नवाचार और उद्यमशीलता के बल पर राज्य को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। राज्य सरकार युवाओं के नवाचारी प्रयासों को निरंतर प्रोत्साहन और आवश्यक सहयोग प्रदान करती रहेगी।

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