
देहरादून 13 अगस्त। दून विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्र-छात्राओं से संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने पलायन रोकने, रोजगार के अवसर बढ़ाने, उत्तराखंड को उच्च शिक्षा का हब बनाने, विज्ञान एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं और देहरादून की यातायात व्यवस्था से जुड़े सवाल मुख्यमंत्री के सामने रखे।
पलायन और रोजगार के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रिवर्स माइग्रेशन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री उद्यमशाला, मुख्यमंत्री स्वरोजगार और सौर स्वरोजगार योजना के साथ पर्यटन, उद्योग और फिल्म नीति के माध्यम से युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों को मजबूत कर स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधन बढ़ाने पर भी सरकार का फोकस है।
उच्च शिक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों के आधुनिकीकरण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है। इससे प्रदेश में विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में नए अवसर विकसित होंगे तथा युवाओं को आधुनिक वैज्ञानिक संसाधनों से जुड़ने का मौका मिलेगा।
एआई और तकनीकी बदलावों से रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के साथ रोजगार का स्वरूप भी बदल रहा है और नई संभावनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में युवाओं को अपने कौशल को लगातार अपडेट करते हुए ‘फ्यूचर रेडी’ बनना होगा। सरकार युवाओं को आधुनिक कौशल और नई तकनीकों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
देहरादून में जाम की समस्या पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके स्थायी समाधान के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है। बिंदाल और रिस्पना नदी के ऊपर एलिवेटेड रोड के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर होने और जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है।





