
देहरादून 23 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून के त्यागी रोड स्थित एक होटल में संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित ‘समरसता संकल्प अभियान’ की प्रदेश कार्यशाला में प्रतिभाग किया। उन्होंने संत रविदास को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन सामाजिक समरसता, समानता, मानवता और सामाजिक न्याय का अनुपम संदेश देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास ने जाति, छुआछूत और ऊंच-नीच जैसी कुरीतियों के खिलाफ समाज को जागृत किया और कर्म, चरित्र तथा विचारों को ही मनुष्य की वास्तविक पहचान बताया। उन्होंने कहा कि ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ का संदेश आज भी समाज को आंतरिक शुद्धता और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देता है। वहीं, ‘बेगमपुरा’ की उनकी परिकल्पना समानता और भेदभाव रहित समाज का आदर्श प्रस्तुत करती है।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार अंत्योदय और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर कार्य करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, जनधन योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे गरीब और वंचित वर्ग के जीवन में व्यापक बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी अंत्योदय को प्राथमिकता देते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, युवाओं के लिए पारदर्शी रोजगार व्यवस्था और जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समानता और समान अधिकार की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू की गई है।
मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से ‘समरसता संकल्प अभियान’ को जन-जन का अभियान बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि गांव-गांव, मोहल्ले-मोहल्ले और घर-घर तक संत रविदास के समानता, प्रेम, भाईचारे और सामाजिक बंधुत्व के संदेश को पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता और राष्ट्र प्रथम की भावना से ही संत रविदास के समरस और खुशहाल समाज का सपना साकार किया जा सकता है।
कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।









