
देहरादून 23 जुलाई ।मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से शुक्रवार को ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में “मॉडल स्टैंडर्ड्स फॉर इलेक्टोरल ऑब्जर्वर” विषय पर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में अमेरिका, रोमानिया, आयरलैंड, इंडोनेशिया, उज्बेकिस्तान, हंगरी और नेपाल सहित कई देशों के चुनाव प्रबंधन विशेषज्ञों तथा 20 से अधिक विश्वविद्यालयों के शिक्षाविदों समेत 400 से अधिक प्रतिभागियों ने हाइब्रिड माध्यम से भाग लिया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने कहा कि चुनाव प्रेक्षक की भूमिका स्वतंत्र और निष्पक्ष ढंग से पूरी निर्वाचन प्रक्रिया की निगरानी करते हुए चुनावों में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जनविश्वास को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान के माध्यम से चुनाव प्रबंधन को और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार भारती ने वर्चुअल संबोधन में कहा कि चुनाव प्रेक्षकों की सक्रिय और निष्पक्ष उपस्थिति से निर्वाचन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह बनती है। उन्होंने कहा कि हर परिस्थिति में जनता का चुनाव प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखना प्रत्येक प्रेक्षक का सर्वोच्च दायित्व है।
सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में चुनाव व्यय प्रेक्षक, पुलिस प्रेक्षक और आधुनिक चुनाव प्रबंधन की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने डिजिटल और सोशल मीडिया प्रचार की निगरानी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग तथा भविष्य की चुनावी चुनौतियों से निपटने के उपायों पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों ने भी चुनाव प्रबंधन, प्रशिक्षण मॉड्यूल और वैश्विक अनुभवों पर प्रस्तुतीकरण दिए। सम्मेलन में चुनाव अधिकारियों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की।









