
देहरादून 23 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को कम करने और वन्यजीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगों की आर्थिकी मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और स्थानीय आजीविका के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।
शुक्रवार को सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन में राज्य वन्यजीव बोर्ड की 23वीं बैठक और राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए आधुनिक तकनीक और जनसहभागिता का प्रभावी उपयोग किया जाए।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान दूसरों की जान बचाने के लिए साहसिक प्रदर्शन करने वाले आम नागरिकों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही वन्यजीव हमलों में मृतक और घायलों के परिजनों को निर्धारित समय सीमा में मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में बताया गया कि संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT), कैमरा ट्रैप, ड्रोन, सर्प बचाव किट और सोलर लाइट जैसी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और राहत कार्यों को भी मजबूत किया जा रहा है।
राज्य वन्यजीव बोर्ड ने राजाजी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में गैस पाइपलाइन तथा अन्य संरक्षित क्षेत्रों में सड़क, आईटीबीपी अवसंरचना और ऑप्टिकल फाइबर केबल जैसी जनहित परियोजनाओं को आवश्यक शर्तों के साथ राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति को भेजने की अनुमति दी।
बाघ संचालन समिति की बैठक में मुख्यमंत्री ने वन्यजीव कॉरिडोर संरक्षण, एआई आधारित निगरानी, कैमरा ट्रैप नेटवर्क, प्राकृतिक जल स्रोतों और चारागाहों के विकास पर जोर दिया। उन्होंने हरिद्वार कुंभ के दौरान मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में क्यूआरटी तैनात करने के निर्देश दिए।
बैठक में कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व के लिए टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के गठन, पर्यावरण अनुकूल सफारी वाहनों को बढ़ावा देने, फील्ड स्टाफ को विशेष प्रोत्साहन तथा वन्यजीव अपराधों की प्रभावी जांच के उपायों पर भी चर्चा की गई।








