स्वच्छ ऊर्जा विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की प्रगति का व्यावहारिक रास्ता : श्रीपाद नाइक

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देहरादून/नई दिल्ली 8 जुलाई।केंद्रीय विद्युत राज्यमंत्री श्रीपाद नाइक ने कहा है कि स्वच्छ ऊर्जा केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास और दीर्घकालिक आर्थिक प्रगति का मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक देश की परिस्थितियों, संसाधनों और विकास संबंधी प्राथमिकताओं के अनुरूप रणनीति अपनानी होगी।

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की भारत की अध्यक्षता दृढ़ता, नवाचार, सहयोग और स्थायित्व पर आधारित व्यावहारिक ऊर्जा समाधान को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। विकासशील देशों के बीच सहयोग से स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की प्रक्रिया तेज होगी और ऊर्जा सुरक्षा व समावेशी विकास के साझा लक्ष्य हासिल किए जा सकेंगे।
श्रीपाद नाइक ने कहा कि भारत ने पिछले एक दशक में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) के तहत लगभग 2.86 करोड़ घरों तक बिजली पहुंचाई गई, जबकि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 10.5 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन देकर स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा दिया गया।
उन्होंने कहा कि भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित विद्युत क्षमता 288 गीगावाट से अधिक हो चुकी है। रूफटॉप सोलर, सोलर पंप, मिनी ग्रिड और माइक्रो ग्रिड जैसी विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा पहुंच बढ़ाने के साथ कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय रोजगार को भी मजबूती दे रही हैं।
उन्होंने बताया कि पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत अब तक लगभग 40 लाख परिवार लाभान्वित हो चुके हैं, जिससे उपभोक्ता ऊर्जा उत्पादन में भी भागीदार बन रहे हैं।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार के लिए सस्ती और दीर्घकालिक वित्तीय सहायता सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रिड आधुनिकीकरण, ऊर्जा भंडारण और वितरण प्रणाली में बड़े निवेश की जरूरत होगी। इस दिशा में न्यू डेवलपमेंट बैंक जैसे संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के लिए मजबूत और विविध आपूर्ति श्रृंखला विकसित करना भी जरूरी है। ब्रिक्स देशों के बीच तकनीक, विनिर्माण, नवाचार और निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाकर सुरक्षित, सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा प्रणाली विकसित की जा सकती है।श्रीपाद नाइक ने कहा कि आने वाले समय की सबसे बड़ी चुनौती केवल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसी ऊर्जा व्यवस्था तैयार करना है जो सभी के लिए सुलभ, किफायती, विश्वसनीय और सतत आर्थिक विकास को गति देने वाली हो।

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