
देहरादून 5 जुलाई। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि सेवा, स्वावलंबन और ग्रामीण विकास का सशक्त माध्यम है। उन्होंने एम-पैक्स को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि ये संस्थाएं किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
रविवार को रिंग रोड स्थित किसान भवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस के उपलक्ष्य में सहकार भारती उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित एम-पैक्स नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार प्राकृतिक खेती, श्री अन्न (मिलेट), बागवानी और कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार मिलेट मिशन के तहत सहकारिता एवं कृषि विभाग के माध्यम से किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों को जोड़कर मंडुवा की खरीद करा रही है। महिलाओं को मंडुवा के संग्रहण कार्य के लिए प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है, जिससे किसानों को उपज का उचित मूल्य मिलने के साथ महिला समूहों की आय में भी वृद्धि हो रही है।उन्होंने एम-पैक्स पदाधिकारियों से पारदर्शिता, जवाबदेही और समर्पण के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक पात्र किसान तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में राज्यमंत्री भुवन विक्रम डबराल, सहकार भारती उत्तराखण्ड के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गौड़, प्रदेश संगठन प्रमुख राजेश वर्मा, प्रदेश सह संगठन प्रमुख मणिराम, सुधीर जोशी तथा डॉ. राकेश डंगवाल सहित अनेक पदाधिकारी एवं एम-पैक्स प्रतिनिधि मौजूद रहे।






