उत्तराखण्ड पर्यटन विकास बोर्ड ने 240 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को किया प्रशिक्षित

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देहरादून 15 जून। उत्तराखण्ड पर्यटन विकास बोर्ड (यूटीडीबी) द्वारा आयोजित ‘पूर्व अर्जित कौशल की मान्यता’ (आरपीएल) प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 240 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को प्रशिक्षण प्रदान कर प्रमाण पत्र वितरित किए गए। 8 जून से शुरू हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को उत्तराखण्ड पर्यटन विकास बोर्ड तथा खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण एवं प्रमाणन (फोस्टैक) के प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में देहरादून नगर निगम के महापौर श्री सौरभ थपलियाल, नगर आयुक्त श्रीमती पूनम चंद, उत्तराखण्ड पर्यटन विकास बोर्ड की अपर निदेशक तथा जिला पर्यटन विकास अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर विभिन्न बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम के अधिकारियों ने प्रतिभागियों को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने योजना के तहत उपलब्ध ऋण सुविधाओं, डिजिटल भुगतान प्रोत्साहन और अन्य लाभों की विस्तृत जानकारी दी। लीड बैंक प्रतिनिधियों ने भी वित्तीय समावेशन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर निदेशक श्रीमती पूनम चंद ने प्रतिभागियों को अपने व्यवसाय को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से रेहड़ी-पटरी और स्ट्रीट फूड विक्रेता वित्तीय सहायता प्राप्त कर अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकते हैं तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

अतिथियों ने प्रशिक्षित स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को बधाई देते हुए खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, साफ-सफाई, ग्राहक सेवा तथा पर्यटकों के प्रति बेहतर व्यवहार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड आने वाले पर्यटक राज्य की संस्कृति और आतिथ्य का अनुभव स्थानीय खाद्य विक्रेताओं के माध्यम से भी करते हैं। इसलिए गुणवत्तापूर्ण सेवा और स्वच्छ खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है।

वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय खाद्य विक्रेताओं के कौशल विकास, आजीविका संवर्धन और आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को खाद्य सुरक्षा मानकों, स्वच्छता प्रबंधन, ग्राहक सेवा, डिजिटल भुगतान और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण प्राप्त सभी स्ट्रीट फूड विक्रेताओं ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए उत्तराखण्ड पर्यटन विकास बोर्ड, प्रशिक्षण सहयोगी संस्थाओं और प्रशिक्षकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नियमित आयोजन किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य और सफल व्यवसाय की शुभकामनाओं के साथ किया गया।

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