

देहरादून 30 मार्च। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान समारोह में प्रदेश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों को सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्य के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान ‘उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान’ से डॉ. जितेन ठाकुर को सम्मानित किया गया।
समारोह में डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, श्याम सिंह कुटौला, डॉ. प्रीतम सिंह, केसर सिंह राय और अताए साबिर अफजल मंगलौरी को उत्तराखंड दीर्घकालीन उत्कृष्ट साहित्य सृजन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट साहित्यकारों तथा युवा कलमकार प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मान प्रदान किया गया।
साहित्य नारी वंदन सम्मान के अंतर्गत प्रो. दिवा भट्ट को सम्मानित किया गया, जबकि उत्कृष्ट बाल साहित्य के लिए प्रो. दिनेश चमोला को सम्मान मिला। उत्तराखंड मौलिक रचना पुरस्कार के तहत डॉ. भूपेंद्र बिष्ट, डॉ. सुधा जुगरान और शीशपाल गुसाईं को सम्मानित किया गया। वहीं उत्कृष्ट कुमाऊनी एवं गढ़वाली साहित्य के लिए तारा पाठक, हेमंत सिंह बिष्ट और गजेंद्र नौटियाल को भी सम्मान प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि साहित्यकार केवल शब्दों के सर्जक ही नहीं, बल्कि समाज के मार्गदर्शक और प्रेरक भी होते हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. जितेन ठाकुर न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे हिंदी साहित्य जगत के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पावन भूमि सदियों से ज्ञान, संस्कृति और सृजन की भूमि रही है। सुमित्रानंदन पंत, गौरा पंत ‘शिवानी’, मोहन उप्रेती और शैलेश मटियानी जैसे साहित्यकारों ने इस धरा को गौरवान्वित किया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय भाषाओं और लोक साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। नई पीढ़ी को लेखन के प्रति प्रेरित करने के लिए डिजिटल माध्यमों और साहित्यिक प्रतियोगिताओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए राज्य में दो आधुनिक साहित्य ग्राम स्थापित किए जाएंगे, जहां साहित्यकारों को लेखन और शोध के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौट रहा है और साहित्यिक धरोहर को नया सम्मान मिल रहा है। इसी प्रेरणा से राज्य सरकार भी उत्तराखंड की बिखरी साहित्यिक धरोहर को संकलित और संरक्षित करने का कार्य कर रही है।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक खजान दास और विधायक सविता कपूर सहित बड़ी संख्या में विद्वान, लेखक, साहित्यकार, पत्रकार और साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।







