देहरादून, 29 मार्च। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश भर में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार चरणबद्ध तरीके से जर्जर हो चुके सरकारी आवासों के पुनर्निर्माण और नए आधुनिक आवासों के निर्माण की योजना पर तेजी से काम कर रही है।
राज्य संपत्ति विभाग के अनुसार लंबे समय से कई सरकारी आवास जर्जर स्थिति में पहुंच चुके हैं, जिससे कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने ऐसे आवासों की पहचान कर उनकी मरम्मत और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। जहां भवन पूरी तरह अनुपयोगी हो चुके हैं, वहां नए आधुनिक आवास बनाए जाएंगे।इसके लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में सरकारी आवासों का सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के आधार पर जर्जर भवनों की सूची तैयार कर उनके पुनर्निर्माण या नए निर्माण की योजना बनाई जाएगी। इसके साथ ही जहां विभागीय या सरकारी भूमि उपलब्ध है, वहां आवश्यकता के अनुसार नए आवासीय परिसरों के निर्माण की भी योजना बनाई जा रही है। इन आवासों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा ताकि कर्मचारियों को सुरक्षित और बेहतर आवास उपलब्ध हो सके।
इन योजनाओं की निगरानी के लिए राज्य संपत्ति विभाग के स्तर पर एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति को प्रदेश में उपलब्ध भूमि, जर्जर भवनों और नए निर्माण की संभावनाओं का सर्वे कर विस्तृत प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके आधार पर परियोजनाओं को शासन स्तर पर स्वीकृति दी जाएगी और निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाएगा।
देहरादून के रेसकोर्स स्थित ओल्ड ऑफिसर्स कॉलोनी में भी नए आवासों के निर्माण की योजना तैयार की गई है। यहां जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण के बाद खाली हुई भूमि पर श्रेणी-2 के 31 नए आवास बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा कॉलोनी में उपलब्ध अन्य भूमि पर श्रेणी-4 के 10 आवासों के निर्माण की योजना भी प्रस्तुत की गई है। इन परियोजनाओं के लिए क्रमशः लगभग 1458.56 लाख रुपये और 743.95 लाख रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया है।
समिति की बैठक में दोनों योजनाओं पर विस्तृत चर्चा के बाद उन्हें स्वीकृति देने पर सहमति व्यक्त की गई। सरकार की इस पहल को प्रदेश में सरकारी आवासीय ढांचे को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कई जिलों में पुराने सरकारी आवास जर्जर हो चुके हैं, इसलिए उनकी पहचान कर मरम्मत और पुनर्निर्माण की योजना बनाई जा रही है। उनका कहना है कि सभी परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग व्यवस्था भी की गई है।







