देहरादून 22 फरवरी।
जल प्रकृति का अमूल्य उपहार है, जो जीवन की आधारशिला और मानव सभ्यता की जीवनरेखा है। संत निरंकारी मिशन द्वारा सतगुरु सुदीक्षा महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित के मार्गदर्शन में ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान के चौथे चरण का सफल आयोजन किया गया।
यह अभियान ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के अंतर्गत संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के तत्वावधान में चलाया गया, जो बाबा हरदेव सिंह की शिक्षाओं से प्रेरित है। देश के 25 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के 930 शहरों में 1600 से अधिक स्थानों पर आयोजित इस अभियान में लगभग 12 लाख स्वयंसेवकों ने भाग लेकर जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संतुलन के प्रति सामूहिक संकल्प को मजबूत किया।
टपकेश्वर मंदिर तट पर चला विशेष सफाई अभियान
देहरादून में टपकेश्वर मंदिर के तमसा नदी तट पर निरंकारी सेवादारों द्वारा व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। देहरादून, डोईवाला, बलावाला, विकासनगर एवं सेलाकुई शाखाओं के करीब 1200 भाई-बहनों ने इसमें भाग लिया और लगभग 600 क्विंटल कूड़ा एकत्रित किया।
मसूरी जोनल इंचार्ज हरभजन सिंह एवं सेवादल क्षेत्रीय संचालक दिलवार सिंह पंवार ने अभियान के दौरान सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया। इस अवसर पर आयोजित सत्संग में स्वार्थरहित सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सतत प्रयास
मिशन द्वारा ‘संत निरंकारी हेल्थ सिटी’ जैसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं, जो स्वास्थ्य सेवाओं के साथ करुणा का भी प्रतीक होंगी। वहीं ‘वननेस वन’ वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से प्रकृति संरक्षण को नई दिशा दी जा रही है।
‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान न केवल जल स्रोतों की स्वच्छता का संदेश देता है, बल्कि आंतरिक शुद्धता और सामाजिक जिम्मेदारी का भी बोध कराता है। यह जीवन दर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक शाश्वत और सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव रखने की प्रेरणा देता है।

जल प्रकृति का अमूल्य उपहार है, जो जीवन की आधारशिला और मानव सभ्यता की जीवनरेखा है। संत निरंकारी मिशन द्वारा सतगुरु सुदीक्षा महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित के मार्गदर्शन में ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान के चौथे चरण का सफल आयोजन किया गया।




