
देहरादून, 31 जनवरी।
संत शिरोमणि कवि गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने गुरु रविदास जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रभारी भाजपा उत्तराखंड अनुसूचित मोर्चा हरीश मेवा फरोस एवं प्रदेश संगठन मंत्री अजेय कुमार ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वक्ताओं ने संत रविदास जी के विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी शिक्षाएं समानता, एकता और एक परमेश्वर की भक्ति पर आधारित थीं। उन्होंने समाज से छुआछूत, जातिगत भेदभाव और अंधविश्वास जैसी कुरीतियों को समाप्त करने का संदेश दिया तथा बिना किसी पूर्वाग्रह के ईश्वर भक्ति का मार्ग दिखाया।
वक्ताओं ने कहा कि संत रविदास जी ने अपनी रचनाओं में जनसाधारण की ब्रज भाषा का प्रयोग किया, साथ ही अवधी, राजस्थानी, खड़ी बोली और रेख्ता (उर्दू-फारसी) शब्दों का भी समावेश किया। संत रविदास जी के लगभग 40 पद सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ ‘गुरुग्रंथ साहिब’ में भी सम्मिलित हैं। संत रविदास, वैष्णव भक्तिधारा के महान संत स्वामी रामानंदाचार्य के शिष्य तथा संत कबीर के समकालीन और गुरुभाई माने जाते हैं।
भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बालवीर घुनियाल ने बताया कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती के अवसर पर उत्तराखंड के सभी जिलों में 31 जनवरी 2026 से 7 फरवरी 2026 तक पूजन-दर्शन एवं संत सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, तरुण बंसल, पूर्व विधायक देशराज, विशाल मुख्य, पूर्व मंत्री खजान दास, सुमेर चंद रवि, जयपाल, महामंत्री विनोद कुमार लक्खा, अनुसूचित मोर्चा उपाध्यक्ष ओमप्रकाश भुजवान, प्रदेश मीडिया संयोजक रणजीत सिंह जाखी, विशाल बिरला सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
— प्रदेश मीडिया प्रभारी
अनुसूचित मोर्चा, भाजपा उत्तराखंड
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