मुख्यमंत्री के 4 वर्ष की उपलब्धियों पर विचार गोष्ठी, विशेषज्ञों ने कार्यकाल को बताया बेमिसाल

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

 

अल्मोड़ा 10 दिसंबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुधवार को सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा में कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में विचार गोष्ठी आयोजित की गई। विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, उद्यमियों, जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों ने गोष्ठी में शामिल होकर मुख्यमंत्री के नेतृत्व को दूरदर्शी और राज्यहित में अत्यंत प्रभावी बताया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के मीडिया समन्वयक मदन मोहन सती द्वारा लिखित पुस्तक ‘नायक से जननायक’ तथा ‘धामी की धमक’ का विमोचन भी किया गया।

कुलपति प्रो. बिष्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी कुशल नेतृत्वकर्ता हैं, जिन्होंने पूरे राज्य को एक सूत्र में बांधते हुए बीते चार वर्षों में उत्तराखंड को बड़े निर्णय लेने वाले राज्य के रूप में स्थापित किया है।

गणित विभाग के ऑडिटोरियम में आयोजित इस गोष्ठी का उद्देश्य चार वर्षों में हुए विकास कार्यों की समीक्षा, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभाव का आकलन तथा भविष्य की प्राथमिकताओं पर व्यापक विमर्श करना रहा। वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए राज्य को विकास की दिशा में नई गति दी है।

गोष्ठी में सतत विकास लक्ष्यों में प्रगति, खनन सुधारों से राजस्व में बढ़ोतरी, समान नागरिक संहिता का लागू होना, सख्त भू-कानून, नकल-विरोधी कानून, ऋषिकेश–कर्णप्रयाग व टनकपुर–बागेश्वर रेल परियोजनाएं, धर्मांतरण विरोधी सख्त कानून, तथा बेरोजगारी में कमी जैसे विषयों पर सरकार के प्रयासों की सराहना की गई।

विशेषज्ञों ने शिक्षा क्षेत्र में मॉडल स्कूल, स्मार्ट क्लासरूम, ऑनलाइन शिक्षा का विस्तार, छात्रवृत्ति और कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए हुई प्रगति को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। रोजगार व स्वरोजगार में पारदर्शी भर्ती प्रणाली, स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा, होमस्टे व पर्यटन आधारित रोजगार में वृद्धि को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने बताया कि चार वर्षों में 26 हजार से अधिक नियमित नौकरियां पारदर्शी चयन प्रक्रियाओं के माध्यम से दी गई हैं।

सुशासन के क्षेत्र में सरलीकरण, समाधान और निस्तारण की प्रभावी नीति, सेवाओं का डिजिटलीकरण, ई-ऑफिस और तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली ने प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाया है, जिसका सीधा लाभ जनता को मिला है।

महिला सशक्तिकरण में सुरक्षा, आर्थिक मजबूती, स्वयं सहायता समूहों के उन्नयन और स्वास्थ्य योजनाओं की भी व्यापक सराहना की गई। लखपति दीदी योजना को महिलाओं की आर्थिकी में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला कदम बताया गया।

सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं, पर्यटन विकास, कृषि-बागवानी संवर्धन, ग्रामीण आजीविका और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं ने जनजीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। गोष्ठी के दौरान प्रतिभागियों ने जनहित को केंद्र में रखकर कई रचनात्मक सुझाव भी साझा किए।

मीडिया समन्वयक मदन मोहन सती ने आश्वस्त किया कि सभी सुझावों का अध्ययन कर आवश्यक सुझाव मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे, ताकि उन्हें आगे की नीतियों और कार्यक्रमों में शामिल किया जा सके।

गोष्ठी का समापन राज्य सरकार की उपलब्धियों की प्रशंसा और विकास की अगली दिशा तय करने के सामूहिक सुझावों के साथ हुआ। प्रतिभागियों ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास की नई ऊँचाइयों को छुएगा।

कार्यक्रम का संचालन नीरज बवाड़ी ने किया। इस अवसर पर महिला उद्यमिता विकास परिषद की उपाध्यक्ष गंगा बिष्ट, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, कुल सचिव एसएसजे डीएस बिष्ट सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Leave a Comment

और पढ़ें