
अल्मोड़ा, 09 दिसंबर। कुमाऊँ भ्रमण के दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विकासखंड धौलादेवी के भगरतौला गांव का दौरा कर किसानों से सीधा संवाद किया। गांव पहुंचने पर स्थानीय ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों से मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।
कृषि मंत्री ने चौपाल के माध्यम से किसानों की समस्याएं सुनीं और उनके सुझाव प्राप्त किए। उन्होंने पॉलीहाउस क्लस्टर का स्थलीय निरीक्षण कर वहां की कृषि व्यवस्था का विस्तृत अवलोकन किया। ग्रामीणों ने अवगत कराया कि जिला योजना और उद्यान विभाग द्वारा स्थापित 100 से अधिक पॉलीहाउस में क्लस्टर आधारित खेती की जा रही है, जिसमें आलू, शिमला मिर्च, गोभी, मैथी, धनिया, मिर्च आदि सब्जियों का उत्पादन हो रहा है। इससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और आजीविका सुदृढ़ हुई है। मंत्री जोशी ने इस प्रयास की सराहना की और इसे आदर्श मॉडल बताया।
कृषि मंत्री ने सैम देवता समूह की लखपति दीदियों से भी संवाद किया और महिला सशक्तिकरण तथा स्व–रोजगार की दिशा में उनके कार्यों को प्रशंसनीय बताया। उन्होंने जंगली जानवरों के आतंक, फेसिंग भुगतान और पॉलीहाउस की पन्नी बदलने से जुड़े मामलों पर विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
भगरतौला के दौरे के दौरान कृषि मंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने नैनपड़ चाय बागान का निरीक्षण कर कर्मचारियों से वार्ता की। इसके बाद वे नैनी और तरुला गांव पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं और समाधान हेतु अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। नैनी गांव में उन्होंने पानी लिफ्टिंग की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए तथा किसानों को कृषि यंत्र वितरित किए।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्र और राज्य सरकार की सभी कृषि एवं उद्यान योजनाओं का लाभ न्याय पंचायत स्तर तक पहुंचे। इसके लिए कैंप आयोजित कर अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं को पहुंचाने पर जोर दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर किसान को बेहतर सुविधाएं, अनुदान और आधुनिक तकनीक समय पर उपलब्ध हो।
इस अवसर पर किसान खीमानंद पांडेय, रेबाधर पांडेय, देवदार पांडेय, हरि प्रसाद सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।







